रांची यूनिवर्सिटी के सिमडेगा कॉलेज सिमडेगा के बैंक अकाउंट से हेराफेरी कर 31.65 लाख रुपए राशि निकाले जाने का मामले में रोचक मामला समाने आया है। जिस चेक के माध्यम से बैंक से रुपए की निकासी गई है, उस पर हस्ताक्षर करने वाले प्रिंसिपल और बर्सर का कार्यकाल तीन साल पहले यानि वर्ष 2022 में ही समाप्त हो गया था। जो व्यक्ति पद पर है ही नहीं, वह हस्ताक्षर कैसे कर सकता है। जांच के क्रम में शनिवार को यह खुलासा हुआ है। तीन दिन पहले सिमडेगा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. देव राज ने रांची यूनिवर्सिटी प्रशासन को जानकारी दी थी कि कॉलेज के अकाउंट-ए से 31 लाख 65 हजार 891 रुपए की हेराफेरी की गई है। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए शनिवार को फाइनेंशियल एडवाइजर अजय कुमार के नेतृत्व में कमेटी सिमडेगा भेजी। जांच कमेटी ने कॉलेज प्रबंधन और बैंक ऑफ इंडिया सिमडेगा के पदाधिकारियों से बात की। जांच के क्रम में कमेटी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि बैंक से चूक हुई है। क्योंकि चेक पर जिस प्रिंसिपल और बर्सर का सिग्नेचर है, उनका कार्यकाल पहले ही समाप्त हो गया है। इसके बाद सिमडेगा कॉलेज में दो प्रिंसिपल और दो बर्सर कार्यकाल रहा। इधर, बैंक ऑफ इंडिया से आरयू के फाइनेंशियल एडवाइजर अजय कुमार और फाइनेंस अफसर डॉ. दिलीप ने स्पष्ट कहा है कि एक सप्ताह में राशि वापस नहीं की गई तो बैंक पर एफआईआर करेंगे। बताते चलें कि 27 अप्रैल से 2 मई के बीच 17 चेक के माध्यम से राशि की निकासी की गई है। सभी चेक गुमला के विभिन्न बैंकों में जमा किए गए थे। अकाउंट-ए से राशि निकासी का यह है नियम
सिमडेगा कॉलेज के एकाउंट-ए से फर्जी चेक के माध्यम से राशि की निकासी की गई है। अकाउंट-ए का संचालन रांची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और फाइनेंस अफसर के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाता है। लेकिन जिस चेक के माध्यम से राशि की निकासी की गई है, उसपर पुराने प्रिंसिपल और बर्सर का हस्ताक्षर है, जिनका कार्यकाल पहले ही समाप्त हो गया है। अकाउंट-ए से किसी व्यक्ति के खाते में रुपए नहीं भेज सकते : रांची विश्वविद्यालय के किसी भी कॉलेज के अकाउंट-ए से किसी व्यक्ति के खाने में राशि भेजी जा सकती है। कॉलेज के अकाउंट-ए से सिर्फ अकाउंट-सी में राशि भेजी जा सकती है। इसके बाद अकाउंट-सी कॉलेज प्रबंधन बजट के अनुसार खर्च करता है। लेकिन सिमडेगा कॉलेज के मामले में अकाउंट-ए से सीधे किसी व्यक्ति के खाते में रुपए भेज दिए गए हैं।


