लरंगो में कोयल नदी से अवैध बालू का हो रहा उठाव

मुनेश्वर साहू| सिसई सिसई प्रखंड क्षेत्र के लरंगो गांव स्थित कोयल नदी में दर्जनों ट्रेक्टर लगाकर नदी का अंधाधुंध दोहन कर जीएसएमडीसी के भंडारण स्थल में भारी मात्रा में बालू भंडारण करने में जुट गए हैं। सभी नियम कानून को ताक पर रखकर 30 से 35 ट्रैक्टर से प्रतिदिन बालू उठाव कराया जा रहा है। जिसमे अधिकांश ट्रैक्टर बिना नम्बर का है, ग्रामीणों के अनुसार बंदोबस्त क्षेत्र से हटकर भी नदी से बालू का उठाव किया जा रहा है। जिससे लरंगो व बाला खटंगा के ग्रामीणों की जेएसएमडीसी के कर्मियों से आए दिन नोकझोंक होते रहती है। यह नोकझोंक किसी दिन मारपीट में तब्दील हो जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि जेएसएमडीसी के द्वारा सीमा क्षेत्र से बाहर अतिक्रमण कर बालू उठाव करने को लेकर पूर्व में दर्जनों बार कर्मियों व ग्रामीणों का टकराव हो चुका है। चार से पांच बार प्रशासन मापी कर सीमांकन भी कर चुका है। किन्तु जेएस एमडीसी के सीमांकन क्षेत्र में बालू नहीं होने के कारण अतिक्रमण कर घाघरा प्रखंड क्षेत्र से बालू का उठाव किया जाता रहा है। अवैध बालू उठाव को लेकर घाघरा प्रखण्ड के नवाडीह पंचायत की पूर्व मुखिया बांदों देवी करीब दो साल पहले जेएसएमडीसी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराई थी। कोर्ट के निर्देश पर उस समय प्रशासन ने जेएस एमडीसी का 8 से 9 लाख सीएफटी बालू भंडारण स्थल में जब्त किया है। पिछले एक सप्ताह से जेएसएमडीसी के लोग उक्त जब्त बालू के चारो ओर बालू गिराकर दिया है, इससे उन लोगो की जब्त बालू को कब्जाने की मंशा साफ दिखाई देता है। जेएसएमडीसी के बंदोबस्त नदी क्षेत्र खेत मे परिवर्तित होते जा रहा है,नदी में घांस उग आए है। भंडारण का कही कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। लंरगो पंचायत के मुखिया पति सह पूर्व मुखिया सुफल उरांव ने बताया कि वर्ष 2017 के पहले की तरह बालू घाटों की अब खुली नीलामी जिलों के द्वारा की जाएगी। बालू घाटों पर अब जेएसएमडीसी का अधिकार समाप्त हो गया है। जेएसएमडीसी के पास यह अधिकार अब 31 अगस्त 2025 तक ही है। झारखंड सरकार कैबिनेट की नौ मई को हुई बैठक में झारखंड सैंड माइनिंग रूल 2025 को अधिसूचित करने की स्वीकृति दी गई है। लरंगो कोयल नदी घाट की बंदोबस्ती का सबसे अधिक लरंगो व नवाडीह पंचायत के लोगो को उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगो को सरकारी आवास,विकास योजना और निजी मकान बनाने वालों को भी जेएसएमडीसी के चलान से 3 हजार से 35 सौ तक चुकाकर लेना पड़ रहा है।

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