सिटी एंकर रांची के मोरहाबादी मैदान को न्यूयार्क के टाइम्स स्क्वायर की तर्ज पर विकसित करने पर 22 करोड़ रुपए खर्च किए गए। लेकिन पिछले सात सालों में यह टाइम्स स्क्वायर नहीं बन पाया। नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको ने मैदान में एक भव्य मंच और उसके ऊपर स्टील का टेनसाइल स्ट्रक्चर बनवाया था। इसमें करीब दो करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसके अलावा 11 एलईडी स्क्रीन, हाईमास्ट लाइट, 32 गोबो लाइट, डेकोरेटिव लाइट, कंट्रोल रूम, पैनल रूम, ट्रांसफार्मर और दो जनरेटर लगाए गए थे। लेकिन साल में दो से तीन बार ही एलईडी स्क्रीन का इस्तेमाल हुआ। आम लोगों को इससे कोई फायदा नहीं हुआ। मैदान में बने मंच का ही इस्तेमाल हो रहा था, लेकिन अब विधि-व्यवस्था का हवाला देकर उसे भी तोड़ा जा रहा है। मंच को तोड़कर मैदान को समतल किया जाएगा। लेकिन इसके लिए कहीं से भी एनओसी नहीं ली गई है। मंच टूटने के बाद टेंट वालों की हो जाएगी चांदी पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर इतनी बड़ी संरचना का निर्माण हुआ था, लेकिन किसके निर्देश पर तोड़ा जा रहा है, इस पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। मालूम हो कि मोरहाबादी में स्थाई मंच बनने की वजह से टेंट हाउस वालों की दुकानदारी बंद हो गई थी। क्योंकि, जब भी कोई राजनीतिक या अन्य कार्यक्रम होते थे तो मंच बनाने की जरूरत नहीं पड़ती थी। मंच टूटने से एक बार फिर टेंट हाउस वालों की चांदी हो जाएगी।


