पचंबा गर्ल्स हाई स्कूल के जर्जर भवन को 5 वर्ष से नहीं किया गया ध्वस्त, हादसे का सता रहा डर

बजरंगी महतो |पचंबा बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अनुपयोगी हो चुके भवनों का कोई ध्यान देने वाला नहीं है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे मध्यावकाश में खेलकूद करते समय जर्जर भवन के इर्द-गिर्द घूमते हैं, जिससे खतरे का डर बना रहता है। जबकि विद्यालय के जर्जर भवन होने की सूचना देने के बावजूद इन भवनों को जमींदोज नहीं करवाया जा रहा है। जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। यह हाल तब है जब विद्यालयों के कायाकल्प के साथ ही अतिरिक्त भवन के लिए योजनाएं चल रही है। ऐसे में जिम्मेदारों की उदासीनता कभी भी बच्चों पर भारी पड़ सकती है। सदर प्रखंड के पचंबा में 1971 में गर्ल्स हाई स्कूल भवन का निर्माण हुआ था। जो अब पूर्ण रूप से निष्प्रयोज्य हो चुका है। भवन जर्जर होने के बाद विभाग ने लगभग पांच साल पूर्व बगल में नया भवन बना दिया, लेकिन पुराने भवन को ध्वस्त नहीं कराया गया, जबकि जर्जर भवन अपने आप गिर रहा है। विद्यालय में कुल नामांकित छात्राओं की संख्या करीब 900 है। विद्यालय का कॉमन हॉल जर्जर भवन के पास ही है। प्रधानाध्यापक शमा परवीन ने बताया कि छात्राओं को सुरक्षित रखने के लिए मध्यावकाश में विद्यालय में तैनात स्टॉफ की ड्यूटी लगती है, ताकि छात्राएं जर्जर भवन के आसपास न जा पाए। जर्जर भवन के संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया । लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मध्यावकाश में छात्राएं जर्जर भवन के समीप पहुंच जाती हैं। इसको लेकर हमेशा भय बना रहता है। दो बार जेट पंप की चोरी भी हो चुकी है। क्योंकि स्कूल भवन टूटने से असुरक्षित हो गया है। स्कूल में गार्ड की भी व्यवस्था नहीं है, जिस कारण रात में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहने की सूचना मिलते रहती है। रिपोर्ट मंगवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी : डीईओ इस संबंध में डीईओ मो वसीम अहमद ने बताया कि रिपोर्ट मंगवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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