नर्सिंग काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार ने दस्तावेजों से की छेड़छाड़:याचिकाकर्ता ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र; बोले- सीसीटीवी फुटेज किए डिलीट

हाईकोर्ट की फटकार के बाद शुक्रवार को राज्य सरकार ने नर्सिंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. जितेन चंद्र शुक्ला और रजिस्ट्रार अनीता चांद को पद से हटा दिया है। सरकार ने दोनों ही अधिकारियों को हटाने के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर आईएएस मनोज सरियाम को नर्सिंग काउंसिल का चेयरमैन और कृष्ण कुमार रावत को रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार दिया है। कोर्ट की इस कार्रवाई के बाद तत्कालीन रजिस्ट्रार अनीता चांद पर कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज और कई जरूरी दस्तावेजों को गायब करने का आरोप याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में हाईकोर्ट और राज्य सरकार दी है। याचिकाकर्ता अनीता चांद से संबंधित मामलों को लेकर अगली सुनवाई में हाईकोर्ट के समक्ष भी रखेगी। विभाग से हटते ही साक्ष्य के साथ किया छेड़छाड़ मध्यप्रदेश में हुए नर्सिंग फर्जीवाड़े को लेकर हाईकोर्ट तक ले जाने वाले याचिकाकर्ता विशाल बघेल का आरोप है कि, काउंसिल की तत्कालीन रजिस्ट्रार अनीता चांद ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज के साथ ना सिर्फ छेड़छाड़ की बल्कि कई दस्तावेजों को भी काउंसिल कार्यालय से गायब भी किया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन रजिस्ट्रार ने अपने कार्यकाल में जो 15 से 20 प्राइवेट कर्मचारियों को नौकरी में रखा था, वो अभी भी उनके इशारे में अनैतिक गतिविधियों को आज भी अंजाम दे रहे हैं। इसके साथ ही कुछ शासकीय कर्मचारियों को भी उन्हें अटैच किया है, जो कि अभी भी वहां पर तैनात हैं। सीसीटीवी फुटेज हो गए हैं डिलीट याचिकाकर्ता विशाल बघेल ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से अनुरोध किया है कि तत्कालीन रजिस्ट्रार अनीता चांद पर जैसे ही हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकार ने कार्रवाई करना शुरू किया तो उन्होंने आनन-फानन में अपने कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर दिया, जो कि साक्ष्य के साथ छेड़खानी की श्रेणी में आता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि आगामी सुनवाई में ये तमाम सबूतों को हाईकोर्ट के सामने रखा जाएगा। इन बिंदुओं पर होना चाहिए कार्रवाई

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