बाजार सिरकी बंदा स्थित शिवाला श्री गंगाराम में एक महीने तक चलने वाले श्री रामचरितमानस के पाठ में रविवार को शिव विवाह पढ़ा गया। मंदिर कमेटी की अध्यक्षता और बाबा भोले नाथ की कृपा से सुबह 8 से साढ़े 9 बजे तक चले पाठ में सबसे पहले बाबा भोले नाथ की आरती उतारी। कथा करने वाले धर्मपाल जी ने भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्त्वपूर्ण पर्व है महाशिवरात्रि, जो फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इसी दिन शिव-पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने से सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि शिव पार्वती के विवाह की संपूर्ण व्रत कथा सुनने और पढ़नी चाहिए। इससे मनुष्य के वैवाहिक जीवन में खुशहाली बढ़ती है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का विवाह राजा हिमाचल की पुत्री पार्वती से हुआ। इस विवाह के साक्षी सभी देवी-देवता और भूत पिशाच बने। शिव महाराज नंदी पर सवार होकर विवाह करने पहुंचे तो उन्होंने अपना अलग की रूप धारण किया। जिसे देखकर पार्वती की सहेलियां और मां डर कर बेहोश हो गईं। देवों के देव महादेव ने विवाह में ऐसी माया रचाई की सभी हैरान रह गए। इस मौके पर दीन दयाल, प्रधान अमन मेहरा, अजय मेहरा, विक्रम कपूर, लक्ष्य कपूर, आशू, साहिब शर्मा मौजूद थे।


