मौसम पूर्वानुमान का असर रविवार को राजधानी रांची सहित राज्य के अलग-अलग जिलों में देखने को मिला। रविवार सुबह से भीषण उमस वाली गर्मी सता रही थी। दोपहर बाद मौसम के करवट बदली और राजधानी रांची में आंधी-तूफान के साथ जम कर बारिश हुई। न केवल राजधानी रांची बल्कि रामगढ़, संथाल परगना के जिले, कोल्हान, हजारीबाग और कोडरमा में भी बारिश हुई। प्रदेश के 20 जिलों में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश और वज्रपात भी हुआ। लोगों को तपती गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई। रांची में करीब 60 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा से भारी नुकसान हुआ। शहर से लेकर आसपास के क्षेत्रों में 20 से अधिक जगहों पर विशाल पेड़ गिर गए। बिजली के पोल हवा में लहराते हुए जमीन पर बिखर गए। आज भी आधी-तूफान और बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने आज भी गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। इस दौरान रांची सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश होगी। मौसम विभाग ने ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। 20 से 24 मई के बीच हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश और तेज हवा चलेगी। दरअसल, पंजाब से बांग्लादेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिमी बंगाल के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड में दिख रहा है। यही वजह है कि आज कोल्हान को छोड़ कर राज्य के दूसरे हिस्से में जम कर बारिश होगी। इसे लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है। इस दौरान कई जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। वज्रपात की भी संभावना है। रामगढ़ में सबसे अधिक 28.5 एमएम बारिश मौसम विभाग के आंकड़े के मुताबिक रविवार को रामगढ़ में सबसे अधिक 28.5 एमएम बारिश हुई। रांची में 24.8 एमएम, बोकारो में 4.5 एमएम, हजारीबाग में 9.5 एमएम, खूंटी में 1.5 एमएम, लोहरदगा में 5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश की वजह से तापमान में भी जबरदस्त गिरावट आई। रांची में दिन का पारा 1.7 डिग्री गिरकर 35.8 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 3.2 डिग्री गिरकर 22.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। रांची में 20 से अधिक पेड़ गिरे, दर्जनों घर-दुकान की छत उड़ी अचानक से मौसम में आए बदलाव ने रांची के जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लोअर चुटिया लोटा फैक्ट्री के पास एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसके नीचे खड़ी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में किसी के नहीं होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। नालियों के जाम होने से लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया। लोग घर से पानी निकालने में मशक्कत करते हुए दिखे। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित नेशनल प्रिंटिंग प्रेस की शीट की छत उड़ गई। प्रेस में 14 जिले में सप्लाई करने के लिए 12वीं की किताबें छापी जा रही थीं। प्रेस के कर्मियों के अनुसार, इसी सप्ताह किताबें सप्लाई होनी थी, लेकिन आंधी-तूफान में हुए नुकसान की वजह से सप्लाई में अब थोड़ा विलंब हो सकता है।
दुर्गा सोरेन चौक पर तेज आंधी में काफी तबाही हुई। यहां एक मेला लगा हुआ है, जिसमें एक बड़ा वाला टावर झूला आंधी में धराशायी हो गया। दुकानों के टेंट उड़ गए। इलाके में काफी देर तक बिजली भी बाधित रही।


