रोमानिया में हुए राष्ट्रपति चुनावों में बुखारेस्ट के मेयर निकुसोर डैन की जीत हुई है। उन्होंने ट्रम्प समर्थक नेता जॉर्ज सिमियन को कड़े मुकाबले में हरा दिया है। सभी वोटों की गिनती के बाद डैन को 54.17% वोट मिले, जबकि उनके विरोधी उम्मीदवार सिमियन को 45.83% वोट हासिल हुए। यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि दो सप्ताह पहले दौर के मतदान में सिमियन को डैन से ज्यादा वोट (40.96%) मिले थे जबकि डैन को सिर्फ 20.99% वोट मिले। डैन ने अंतिम दौर में शानदार वापसी की। इससे पहले 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे रूस की दखल और गड़बड़ियों के आरोपों के चलते रद्द कर दिए गए थे। इसके बाद दोबारा चुनाव कराए गए। मतदान पूर्व सर्वेक्षणों में सिमियन को बढ़त मिलती दिख रही थी, लेकिन अंतिम दौर में डैन की वापसी ने मुकाबले को पलट दिया था। डैन का एजेंडा यूरोपीय समर्थक रहा। उन्होंने वादा किया कि वे कानून और प्रशासनिक सुधार करेंगे, यूक्रेन की मदद जारी रखेंगे और पश्चिमी देशों से रिश्ते मजबूत करेंगे। वहीं, सिमियन ने ट्रम्प के अंदाज में ‘रोमानिया फर्स्ट’ अभियान चलाया, जिसमें यूरोपीय संघ की नीतियों से थोड़ी दूरी बनाने, टैक्स घटाने और यूक्रेन को दी जा रही सैन्य मदद कम करने की बात कही गई थी। रोमानिया में राष्ट्रपति की भूमिका काफी अहम होती है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को चुनने, विदेश नीति और रक्षा मामलों में प्रमुख भूमिका निभाता है। इसके अलावा उसके पास यूरोपीय संघ के सर्वसम्मति वाले फैसलों पर वीटो जैसे अहम अधिकार भी हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें… पोलैंड में राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में किसी को भी बहुमत नहीं, 1 जून को आखिरी चरण पोलैंड में रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में किसी भी उम्मीदवार को बहुमत नहीं मिला। वारसॉ के उदारवादी मेयर रफाल ट्रजास्कोव्स्की को सबसे ज्यादा 31.2% वोट मिले हैं। वहीं, उनके मुख्य प्रतिद्वंदी और राष्ट्रवादी इतिहासकार करोल नवरोकी को 29.7% को वोट मिले हैं। अब दोनों उम्मीदवार 1 जून को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव में आमने-सामने होंगे। यह चुनाव पोलैंड के राजनीतिक भविष्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है। ट्रजास्कोव्स्की यूरोप समर्थक नीति के पक्ष में हैं, जबकि नवरोकी को ट्रम्प समर्थक माना जाता है। चुनाव से पहले हुए सर्वे में ट्रजास्कोव्स्की को नवरोकी से 4-7% आगे बताया जा रहा था, लेकिन वास्तविक अंतर महज 1.5% रहा। दूसरे दौर में मुकाबला और कड़ा हो सकता है, क्योंकि पहले दौर में 21% वोट स्लावोमिर मेंटजेन और ग्रेजगोरज ब्राउन को मिले। जो उम्मीदवार इन दोनों के ज्यादा वोट हासिल करने में सफल रहा, उसकी जीत तय है। पुर्तगाल में बहुमत से चूकी PM मोंटेनेग्रो की पार्टी, दक्षिणपंथी चेगा ने 23% वोट हासिल कर चौंकाया यूरोपीय देश पुर्तगाल में सत्ताधारी पार्टी सेंटर-राइट डेमोक्रेटिक अलायंस (AD) ने रविवार को हुए संसद चुनाव में सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। हालांकि पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। इससे देश में एक बार फिर राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है। शुरुआती नतीजों के मुताबिक AD को 32.7% वोट मिले हैं। यह बहुमत के लिए जरूरी 42% से कम है। सोशलिस्ट पार्टी को 23.4% वोट, जबकि दक्षिणपंथी चेगा को 22.6% वोट मिले हैं। चेगा पार्टी के लिए यह बड़ी सफलता है क्योंकि तीन साल पहले हुए चुनाव उसे महज 7% वोट ही मिले थे। इस बार भी किसी पार्टी को बहुमत न मिलने का मतलब है कि बड़ी पार्टी को छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन करना होगा या अल्पमत सरकार चलानी होगी। आधिकारिक नतीजे सोमवार देर रात तक आने की उम्मीद है। पुर्तगाल में तीन साल में यह तीसरा संसदीय चुनाव था। इस बार के चुनाव इसलिए कराए गए क्योंकि प्रधानमंत्री लुइस मोंटेनेग्रो विश्वास मत नहीं जीत पाए थे। उन पर अपने परिवार की कंपनी से जुड़े लेन-देन को लेकर सवाल उठे थे, हालांकि उन्होंने किसी भी गलत काम से इनकार किया था। 18 मई से जुड़ी अपडेट्स यहां पढ़ें…


