राजधानी को दुर्ग से जोड़ने वाले खारुन नदी पर बना ओवरब्रिज जर्जर हो गया है। ओवरब्रिज के स्लैब की बेरिंग खराब हो गई है। डामर की परत उखड़ गई है। इसलिए इसे सुधारा जा रहा है। डामर की परत को उखाड़कर दोबारा डामरीकरण होगा। ठेका एजेंसी को सोमवार से ओवरब्रिज का काम शुरू करना था। स्लैब उठाने के लिए हरियाणा से जैक मंगवाया था। लेकिन जैक अभी तक रायपुर नहीं पहुंचा। इस वजह से अब 21 मई से काम शुरू किया जाएगा। ओवरब्रिज से बेरिंग बदलते समय दुर्ग से रायपुर और रायपुर से दुर्ग आने-जाने वाली गािड़यों को मध्य रात्रि 2 से 4 बजे तक रोका जाएगा। इसके बाद ट्रैफिक खोल दिया जाएगा। दूसरी ओर 1 से 20 जून तक 24 घंटे ब्रिज के ऊपर एक्सपांसन ज्वाइंट चेंज, बीटी वर्क और रेलिंग बदला जाएगा। इस दौरान ओवरब्रिज के आधे हिस्से में काम होगा। इसलिए आधे हिस्से का ही ट्रैफिक चालू रहेगा। लोगों की सुविधा के लिए ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग से मिली जानकारी के मुताबिक दुर्ग से रायपुर आने वाला ओवरब्रिज काफी जर्जर हो गया है। इसमें 10 स्लैब है, जिसमें 60 बेरिंग लगी है। ओवरब्रिज 20 से 25 साल पुराना है। ठेका एजेंसी एक-एक स्लैब को जैक से उठाकर नई बेरिंग लगाएगी। इस काम में करीब 10 दिन लगेंगे। इस दौरान यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा। यातायात के वैकल्पिक संचालन के लिए मरम्मत वाले ब्रिज के बीच में डिवाइडर लगाकर दो भागों में बांटा जाएगा। इस दौरान एक लेन में मरम्मत होगी तो दूसरी लेन में ट्रैफिक चलता रहेगा। यहां से रोजाना हजारों की संख्या में गाड़ियों का आना-जाना होता है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहले से ही ट्रैफिक का बेहद दबाव है। मरम्मत के दौरान मार्ग की चौड़ाई सिंगल लेन होने के कारण ब्रिज से कुम्हारी तक जाम की स्थिति बन सकती है। तेजी से काम नहीं हो पा रहा
राष्ट्रीय राजमार्ग ने जिस ठेका एजेंसी को वर्क आर्डर दिया है उसे सोमवार से काम शुरू करना है। लेकिन एजेंसी अभी तक इसकी तैयारी तक नहीं कर पाई है। काम शुरू करने से पहले एजेंसी को ब्रिज के नीचे सफाई करना है। ताकि जैक को सही जगह पर रखा जा सके। इसके अलावा ओवरब्रिज पर लगे बिजली के वायरिंग को भी शिफ्ट करना होगा। लेकिन यह काम भी अब तक नहीं हो पाया है। यही वजह है कि अब बुधवार से काम शुरू होगा। इस तरह डायवर्ट किया गया रूट


