भास्कर न्यूज|रामगढ़ हीट वेव व बदलते मौसम में बच्चों को नियमित रूप से ओआरएस का घोल व तरल पदार्थ दें। बच्चों को अनावश्यक घर से बाहर निकलने ना दें। तपती धूप से बच्चों को बचाए। हीट वेव व बदलते मौसम में बच्चों के प्रति सावधानी नहीं बरते जाने पर बच्चे कई तरह के बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं। उक्त बातें क्षेत्र के जाने-माने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल गुप्ता ने खास बातचीत के क्रम में कही। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों में लू लगने की संभावना अधिक होती है। क्योंकि बच्चों में तापमान नियंत्रण की क्षमता वयस्कों की अपेक्षा कम होती है। जिसके कारण हीट स्ट्रोक से बच्चे सुस्त हो जाते हैं। इस कारण गर्मी में बच्चों में सिरदर्द, उल्टी, बुखार व थकावट के लक्षण दिखते हैं। इससे बचाव के लिए बच्चों को नियमित रूप वे ओरआरएस का घोल, नारियल पानी व तरल पदार्थ पिलायें। बुखार के लक्षण दिखते ही बच्चों को शरीर को साफ-कपड़े से पोंछते रहें। इसके बावजूद असुविधा होने पर तुरंत चिकित्सकों से परामर्श लें। गर्मी के मौसम में खानपान की गड़बड़ी व दूषित पानी के इस्तेमाल से भी बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। जिसके कारण बच्चों को ताजा व गर्म भोजन दें। वहीं गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिये धूप में जाने पर चेहरे को अच्छी तरह कपड़े से बांध दें। तभी बदलते मौसम व हीट वेव से बच्चों को बचाया जा सकता है।


