झारखंड समेत पूरे देश में 29 मई से 12 जून तक विकसित कृषि संकल्प अभियान चलेगा। किसानों के बीच खरीफ फसल की जागरूकता के उद्देश्य से यह अभियान देश भर के 700 जिलों में करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान में झारखंड पूरा सहयोग करेगा। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार के द्वारा यह अभियान संचालित होगा। अभियान को लेकर सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की वीडियो कांफ्रेंसिंग में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं। खरीफ-पूर्व अभियान की शुरुआत ओड़िशा के पुरी (आस-पास के कृषि विज्ञान केंद्रों) से 29 मई को किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों एवं पशुपालन, मुर्गीपालन, मत्स्यपालन आदि से संबंधित आधुनिक तकनीकों के बारे में किसानों को जागरुक किया जाएगा। किसानों के लिए उपयोगी विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा नीतियों के बारे में किसानों को बताया जाएगा। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के फायदे के बारे में जानकारी दी जाएगी। उपलब्ध ज्ञान के अनुसार फसलों के चयन तथा खादों के उपयोग के बारे में उन्हें बताया जाएगा। किसानों से फीडबैक लेना ताकि उनके द्वारा किए गए नवाचार के बारे में वैज्ञानिक जानकारी मिल सके और उसके अनुसार अनुसंधान को नई दिशा दी जा सके। अभियान को लेकर विभाग पूरा सहयोग करेगा : शिल्पी मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य में हर साल खरीफ फसल को लेकर जागरूकता के लिए 25 मई को बीज दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में विकसित कृषि संकल्प अभियान की सफलता को लेकर विभाग पूर्ण सहयोग करेगा। शिल्पी नेहा तिर्की ने ज्ञान-विज्ञान के सहारे आगे बढ़ने की जरूरत बताई आईसीएआर कैंपस में अनुसूचित जनजाति परियोजना एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्रक्षेत्र दिवस सह कृषि इनपुट वितरण का आयोजन किया गया। जिसमें करीब 300 किसानों के बीच कृषि सामग्री का वितरण किया गया। इस मौके पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आज का दौर ज्ञान और विज्ञान से जुड़ कर कृषि के क्षेत्र में कदम बढ़ाने का है। संस्थान किसानों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें विकसित करने की दिशा में बेहतर काम कर रहा है। संस्थान के विकास के लिए राज्य सरकार ने 124 एकड़ भूमि मुहैया कराई है। इससे पहले बिरसा कृषि विवि को भी 700 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। विकास ही संस्थान का उद्देश्य होना चाहिए। कृषि मंत्री ने आईसीएआर कैंपस का निरीक्षण किया, की सराहना रांची के गढ़खटंगा स्थित आईसीएआर कैंपस का कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सोमवार को निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने बायोमास गैसीफायर सह बायोचर उत्पादन इकाई का उद्घाटन भी किया। संस्थान के द्वारा ज्ञान और विज्ञान के साझा प्रयास से उन्नत कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे बेहतर काम की उन्होंने सराहना भी की। आईसीएआर के द्वारा कृषि के क्षेत्र में कई तरह के नये प्रयोग किए जा रहे हैं। जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए फसल के चयन और उसके पैदावार को बढ़ाने की दिशा में संस्थान के द्वारा किए जा रहे कार्य की जानकारी मंत्री को दी गई।


