कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय संविधान बचाओ रैली की शुरुआत मेजर ध्यानचंद हॉकी मैदान में हुई। सभा के दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार ने अमेरिका के दबाव में सीजफायर लागू किया। व्यापार के नुकसान के डर से यह फैसला लिया गया। यह निर्णय किसी और देश के राष्ट्रपति के कहने पर लिया गया, जिससे सरकार डर गई। पायलट ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद लगातार बढ़ रहा है। पुलवामा, पहलगाम और मुंबई जैसे हमलों से देश को बार-बार नुकसान हुआ है। रैली में पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव समेत कई दिग्गज कांग्रेस नेता केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर बरसे। पहलगाम में निर्दोष लोगों को चुन-चुन कर मारा गया। हमारे जवानों ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया, लेकिन सरकार ने आतंकवाद के मुद्दे से ध्यान हटाकर कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की कोशिश की, जो स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विरोधियों को डरा रही है, धमका रही है और जेल में डालकर शासन करना चाहती है। वे संविधान की रक्षा नहीं कर सकते। अब संविधान बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। अगर संविधान नहीं रहेगा तो लोकतंत्र कमजोर होगा और देश की प्रगति रुक जाएगी। भूपेश बघेल ने कहा कि पहलगाम में आतंकियों ने धर्म पूछकर लोगों को मारा। झीरम घाटी में हमारे नेताओं के नाम पूछकर हत्या की गई। दोनों ही मामलों में न तो नेताओं को और न ही पर्यटकों को सुरक्षा दी गई। उन्होंने कहा कि 26/11 के हमले के दौरान मनमोहन सिंह ने कमांडो भेजे और कसाब को जिंदा पकड़ा गया। लेकिन पहलगाम हमले में जवान नहीं भेजे गए, जबकि वहां अमित शाह मौजूद थे। आज तक हमले के आतंकियों को पकड़ा नहीं गया है।


