बिजली-पानी की समस्या को लेकर सड़क पर उतरे लोग:बिलासपुर में सड़क चौड़ीकरण का किया विरोध, कहा- मकान तोड़ने पर हो जाएंगे बेघर

बिलासपुर में वार्ड क्रमांक 52 लिंगियाडीह के लोगों ने मंगलवार को रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। मोहल्ले में बिजली-पानी जैसी मूलभूत समस्याओं के साथ ही उन्होंने सड़क चौड़ीकरण के चलते मकानों को तोड़ने पर विरोध जताया। उनका कहना था कि निगम ने उन्हें मकानों से कब्जा खाली करने नोटिस जारी किया गया है, जिसे निरस्त किया जाए। नगर निगम के वार्ड क्रमांक के 52 लिंगियाडीह के रहवासी अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि पहले भी मेलापारा चिंगराजपारा और चांटीडीह में मकानों को तोड़ा गया था, जिनके विस्थापितों को आज तक मकान नहीं दिया गया है और प्रभावित लोग परेशान हैं। सड़क चौड़ीकरण का विरोध, निगम का नोटिस निरस्त करने की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों का कहना है, कि जिला प्रशासन एवं निगम के द्वारा बसंत विहार चौक से दयालबंद पुल तक प्रस्तावित 120 फीट सड़क चौड़ीकरण बनाने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। जबकि, लिंगियाडीह से लेकर दयालबंद पुल तक घनी बस्ती एवं बसाहट है। लिंगियाडीह चौक से आबादी भूमि में 1984 से दर्ज है। अभी दयालबंद पुल से वसंत विहार चौंक तक पर्याप्त चौड़ी सड़क लगभग 60 फीट से अधिक है। सड़क चौड़ीकरण व मकानों को तोड़ने से गरीब जनता बेघर हो जाएगी। लिंगियाडीह में 2 महीना पहले तोड़फोड़ की कार्रवाई भी की गई थी, नाली निर्माण , पोल शिफ्टिंग के बाद अब फिर से नगर निगम के द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई हेतु नोटिस जारी किया गया है। जिस पर यहां के नागरिकों ने आपत्ति दर्ज करते हुए नगर निगम द्वारा जारी नोटिस को निरस्त करने की मांग की है। सुविधाओं के बिना गरीब परिवारों को किया शिफ्ट
लोगों ने यह भी मांग की कि लिंगियाडीह में किसी भी प्रकार की जमीन , शासकीय योजनाओं के तहत प्रस्तावित ना किया जाए। लिंगियाडीह एवं आसपास के वार्डों को जैसे चिंगाराज पारा, चांटीडीह ,जिला प्रशासन के द्वारा आबादी घोषित किया जाए एवं भू स्वामी तथा स्थाई पट्टा तत्काल प्रदान किया जाए। लिंगियाडीह सहित शहर में जितने मकान को तोड़े गए हैं, उन परिवारों को अटल आवास इमलीभाठा, बहतराई, सरोज बिहार एवं अन्य जगहों में विस्थापित किया गया है, जहां पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पानी निकासी एवं पेयजल जैसी समस्या से लोग जूझ रहे हैं। इन मकानों में खिड़की दरवाजा भी नहीं है। ऐसी स्थिति में इन विस्थापित गरीब परिवारों को पुनः लिंगियाडीह में बने ईडब्ल्यूएस के मकान जैसे पर्ल हाईट,शीला पार्क, दिव्या माउंट ,एटमॉस्फेयर, जाब एनक्लेव आदि आवासीय कॉलोनी में बने हुए ईडब्ल्यूएस के मकान में उन्हें वापस लाकर विस्थापन जाए। शहर के सौंदर्यीकरण पर राजनीति
इधर, शहर के सौंदर्यीकरण और ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए बनाई गई योजनाओं पर राजनीति शुरू हो गई है। दरअसल, सरकंडा क्षेत्र में चौड़ी सड़क का अभाव है। शनिचरी रपटा रोड़ का चौड़ीकरण होने के बाद लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन, स्थानीय कांग्रेस और भाजपा नेता इन योजनाओं का विरोध कर रहे हैं, जिसका खामियाजा आने वाले दिनों में शहर के लोगों को भुगतना पड़ सकता है।

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