सुशासन तिहार:सीएम खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 8 जिले शत-प्रतिशत निराकरण के करीब पहुंचे

सुशासन तिहार में जनता की समस्याओं का समाधान करने में सरकार पूरी ताकत लगाए हुए है। 40 लाख आवेदनों में से 39 लाख का निराकरण किया जा चुका है। हर जिले का रिपोर्ट कार्ड दो आधार पर तैयार किया जा रहा है। जिले में कुल कितनी शिकायतें व कुल कितनी मांगें आई और इसमें से कितनी पूरी हुई। इस रिपोर्ट कार्ड में सबसे आगे मुंगेली जिला चल रहा है। यहां जनता ने 2308 शिकायतों के आवेदन दिए, इसमें अब तक 2302 का निराकरण हो चुका है। वहीं इस जिले में 1,27,264 मांगों के आवेदन आए, जिसमें से 1,27,256 मांगे पूरी हो चुकी हैं। वहीं सबसे पिछड़ा जिला कोरबा है। यहां 55 हजार मांगें और एक हजार शिकायतें आज तक पूरी नहीं हो पाई हैं। इस तरह मंत्रियों के जिले में अरुण साव, रामविचार नेताम सबसे आगे और लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल सबसे पीछे चल रहे हैं। 40 लाख आवेदनों में पीएम आवास, पेयजल की मांग ज्यादा 40 लाख आवेदनों को जब छांटा गया तो गांव में सबसे अधिक पीएम आवास के लिए 9.83 लाख आवेदन आए हैं। वहीं दूसरे नंबर पर 1.47 लाख आवेदन उज्जवला योजना और 1.11 लाख आवेदन राशन कार्ड के लिए मिले हैं। शहरों में सबसे अधिक 38 हजार आवेदन आवास योजना और पेयजल के लिए आए हैं। 10 हजार पीएम आवास, 7.5 हजार रोड निर्माण, 4 हजार स्वच्छता और इतने ही राशन कार्ड के लिए आवेदन मिले हैं। 16 जिलों का निरीक्षण कर चुके हैं सीएम सुशासन तिहार में जनता की आवाज शासन तक पहुंच सके, इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक रणनीति बनाई है। वे कुछ जिलों के समाधान शिविर में पहुंच रहे तो कुछ में आकस्मिक छापामार कार्रवाई की तरह अचानक पहुंच जाते हैं। कुछ जिलों में बैठक कर रात्रि विश्राम भी कर रहे हैं। अब तक वे 16 जिलों का निरीक्षण कर चुके हैं। इसमें कोरबा, एमसीबी, कोरिया, कवर्धा, गरियाबंद, बीजापुर और मोहला मानपुर के समाधान शिविर में शामिल हुए। सक्ती, कोरिया, बेमेतरा, बालौदाबाजार, दंतेवाड़ा और खैरागढ़ जिले में आकस्मिक पहुंचे। बाकी सूरजपुर, जांजगीर चांपा और बीजापुर में अफसरों की बैठक लेकर रात्रि विश्राम किया।

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