रेट बढ़ाने का सही समय नहीं, थोड़ा समय देना चाहिए : गुप्ता

शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर रेवेन्यू विभाग ने नया कलेक्टर रेट लागू करने को लेकर तैयारी लगभग पूरी कर ली है। यदि कोई विशेष अड़चनें नहीं आई तो 21 मई (बुधवार) से नया रिवाइज रेट लागू हो सकता है। शहरी व ग्रामीण इलाकों की तहसीलों में रिवाइज रेट का काम पूरा कर तहसीलदारों को भेजा जा चुका है। वहीं अब एसडीएम से अप्रूवल के बाद डीसी को चली जाएगी। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो अलग-अलग तहसीलों के अधीन आते 95 फीसदी इलाकों में 5 से 30 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ाई जा रही है। तहसील के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो 5% इलाकों में कलेक्टर रेट 30 से 90 प्रतिशत बढ़ सकता सकता है। बता दें कि इस बार 3 माह पहले ही प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां महंगी हो जाएंगी। बता दें कि बीते 3 साल में करीब 300 फीसदी तक कलेक्टर रेट कई इलाकों में बढ़ाया गया है। जबकि इन 3 सालों के दौरान हर बार प्रशासन की और से 5 से 30 फीसदी तक प्रॉपर्टी रेट इनक्रीज बताया गया था। बीते जुलाई 2022 में कई इलाकों के कलेक्टर रेट 300 फीसदी तो अगस्त 2023 में 115 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई थी। जिसका प्रॉपर्टी कारोबारियों ने विरोध भी जताया था, लेकिन प्रशासन ने रेट वापस नहीं लिया। हालांकि विरोध को देखते हुए सितंबर 2024 में 30 फीसदी तक ही कलेक्टर रेट बढ़ाया गया था। साल 2025 में रिवाइज रेट को लेकर ऑनलाइन कंप्यूटर में फीड करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी 15 दिन पहले ही लगाई गई थी। जो दफ्तरी कामों के अलावा नए रेट की लिस्ट भी तैयार करते रहे। तहसीलदारों की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद 20 मई को रिवाइज रेट की लिस्ट एसडीएम को चली जाएगी। इस रेट में कोई आपत्ति नहीं लगी तो फाइनल तौर पर अप्रूवल के लिए डीसी फिर फाइनांस रेवेन्यू कमिश्नर (एफसीआर) को भेज दी जाएगी। जहां से हरी झंडी मिलते ही नया कलेक्टर रेट लागू हो जाएगा। फिलहाल, उच्च अफसरों की तरफ से इस बात का ध्यान भी रखा जा रहा कि लोगों की जेब पर अधिक बोझ नहीं पड़े। चूंकि कोविड के बाद लगातार 2 साल तक कई इलाकों में अधिकतम 300 फीसदी तक रेट बढ़ा दिए गए थे। जिसकी वजह यह सामने आई थी कि कोविड की वजह से ही 2 साल तक साल 2020 और 2021 में कलेक्टर रेट रिवाइज नहीं किए जा सके थे। तहसील सूत्रों की मानें तो जिन इलाकों में 90 फीसदी कलेक्टर रेट बढ़ाया गया है वह कुछ एक ही हैं। हालांकि 30 फीसदी से अधिक एरिया वाले इलाकों की संख्या मिल सकती है। लेकिन पूर्व में बढ़ाए गए कलेक्टर रेट की तरह अब तक यही बताया जा रहा कि 5 से 30 फीसदी तक रेट इनक्रीज हुआ है। जबकि 40-50 फीसदी रेट बढ़ने वाले इलाके भी लिस्ट में शामिल किए गए हैं। फिलहाल, लिस्ट सार्वजनिक नहीं होने तक पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही। वहीं सीनियर एडवोकेट राकेश शर्मा का कहना है कि हर साल कलेक्टर रेट बढ़ाए जा रहे हैं मगर तहसीलों में सुविधाएं क्यों नहीं मिलती। लोगों के बैठने को कुर्सियों का इंतजाम तक नहीं है। सरकारी रिकॉर्ड अलमारियों की बजाय खाली पड़े पुराने कमरों में फर्श पर रखा जा रहा है, जिसे चूहे कुतर गए तो जिम्मेदारी किसकी होगी। ^कलेक्टर रेट बढ़ाने के लिए टीमें रिवाइज कर रही हैं। तहसीलदारों को निर्देश दिया गया है कि लिस्ट फाइनल करके दें, जिसका काम लगभग पूरा भी हो चुका है। यदि कोई विशेष अड़चनें नहीं आई तो 21 मई (बुधवार) से नया कलेक्टर रेट लागू कर दिया जाएगा। इन बातों का भी ध्यान रखा जा रहा कि आम जनता पर अधिक बोझ नहीं पड़े। -साक्षी साहनी, डीसी सीनियर एडवोकेट महिंदरपाल गुप्ता कहा कहना है कि पाकिस्तान के साथ तनाव के हालात बने हुए थे। इससे अभी भी लोग डरे हुए हैं। इसका असर प्रॉपर्टी कारोबार पर भी पड़ा है। बॉर्डर एरिया को देखते हुए अभी नया रिवाइज रेट लागू नहीं करना चाहिए। माहौल अनुकूल होने का इंतजार करने के साथ प्रशासन को थोड़ा समय देना चाहिए। गुप्ता ने कहा कि कई पार्टियों ने 21 मई के बाद का अपॉइंटमेंट लिया है। ऐसे में प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि उन पर नया कलेक्टर रेट लागू न हो। क्योंकि प्रॉपर्टी के सौदे हो चुके हैं। स्टाम्प शुल्क भी जमा करा दिया है। कलेक्टर रेट बढ़ाया जाना था तो 15 दिन पहले प्रशासन को नोटिफिकेशन सार्वजनिक करना चाहिए। अंदरखाते रेट बढ़ाने की तैयारी चलती रही। आज भी लोगों को पता नहीं कि प्रॉपर्टी 2 दिन में महंगी हो जाएगी।

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