ड्यूटी से गायब रहने वाले पुलिसकर्मी बचने के लिए बनाते रहे बहाना, विभागीय कार्रवाई शुरू

कांके रोड के न्यू पुलिस लाइन स्थित सार्जेंट मेजर ऑफिस में मंगलवार को 4 एएसआई समेत 20 पुलिसकर्मियों को सिटी एसपी राजकुमार मेहता के समक्ष हाजिर किया गया। सभी पुलिसकर्मियों पर ड्यूटी अवधि में गायब रहने ौर वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने का आरोप था। सिटी एसपी ने बारी-बारी से सभी पुलिसकर्मियों से बातचीत की और उनकी परेशानी जानी। वास्तव में जिन्होंने अचानक हुई परेशानी के बाद अपने वरीय अधिकारियों को सूचित करते हुए ड्यूटी नहीं की थी, उन्हें निलंबन मुक्त किया गया। हालांकि जो लापरवाह रहते हुए ड्यूटी को गंभीरता से लिए बगैर अपने कार्यस्थल से गायब रहे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया। सिटी एसपी के समक्ष 2 एएसआई समेत 7 पुलिसकर्मी लगातार खुद को निर्दोष साबित करने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाते रहे। किसी ने पत्नी की अचानक तबीयत खराब होने के बाद इलाज कराने के लिए बाहर जाने का बहाना बनाया, तो किसी ने खुद को ही बीमार बता दिया। हालांकि सिटी एसपी ने उनके द्वारा बनाए जा रहे बहाने को पकड़ लिया, जिसके बाद तुरंत विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया। 4 का कटा वेतन, एक को सस्पेंशन मुक्त करने से इंकार सिटी एसपी ने ड्यूटी से गायब रहने वाले 4 जवानों से पूछताछ की। जवानों ने ड्यूटी से गायब रहने की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि छुट्टी खत्म होने के बाद वह वापस लौटना चाह रहे थे लेकिन गाड़ी नहीं मिलने की वजह से देर हुई। ऐसे में किसी ने एक दिन तो किसी ने 4 दिन बाद योगदान दिया। सिटी एसपी ने ऐसे पुलिसकर्मियों को ऑन स्पॉट फैसला सुनाते हुए नो वर्क नो पेय के तहत वेतन काटने का निर्देश दिया है। इनके खिलाफ शुरू हुई विभागीय कार्रवाई… एएसआई मनोज मरांडी, अर्जुन पड़ैया, हवलदार गुप्तेश्वर राम, आरक्षी जूलियस कोनगाड़ी, आरक्षी वीरेंद्र बैठा, आरक्षी निकोलस टोप्पो, आरक्षी दुलार उरांव।

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