एसीबी की विशेष अदालत ने मंगलवार को 25 साल पुराने अवैध नियुक्ति घोटाले मामले की सुनवाई करते हुए ट्रायल फेस कर रहे आरोपी तत्कालीन कनीय अभियंता जेई आलोक कुमार घोष को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सुनवाई के दौरान एसीबी की ओर से कुल 13 गवाहों को प्रस्तुत किया गया था। लेकिन, आरोप साबित नहीं किया जा सका। उल्लेखनीय है कि 1975 से 1996 तक बिहार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की नियुक्ति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। तृतीय और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति में आलोक कुमार घोष भी शामिल थे।


