झारखंड में हुए शराब घोटाले, एसीबी की कार्रवाई के साथ आईएएस विनय चौबे की गिरफ्तारी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने साजिश बताया है। उन्होंने कहा एसीबी ने एक ही दिन में एफआईआर दर्ज कर जिस तरह से पूछताछ की और विनय चौबे को जेल भेज दिया, यह प्रायोजित लगता है। कहीं बड़ी मछली फंस न जाए इसलिए इस तरह की कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हमने 2022 में ही सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर राज्य में शराब घोटाले की आशंका जताई थी। पत्र में हमने हर उस बात का जिक्र किया था जिससे सारी बातें साफ हो रही थी। पर सीएम ने तब संज्ञान नहीं लिया। अब एसीबी की कार्रवाई करा कर बताना चाह रहे हैं कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करते हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हमारी मांग है कि छत्तीसगढ़ में जब सीबीआई जांच कर रही है तो सीएम हेमंत सोरेन को चाहिए कि वे पत्र लिख कर यहां के मामले की जांच भी सीबीआई को दे। एक ही दिन में एफआईआर से जेल तक बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हम 2022 से ही कह रहे हैं कि दिल्ली से कहीं बड़ा शराब घोटाला यहां होगा। सरकार को पत्र लिख कर हमने सचेत किया था। पर सरकार ने संज्ञान नहीं ली। लगता है सरकार को सबकुछ पता था। सरकार ने जानबूझ कर गड़बड़ी कराया। हमने तीन साल पहले सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखा था। तीन साल पहले भी सीएम ने कुछ नहीं किया। मेरा सवाल है कि जब उनके संज्ञान में बात थी तो उन्होंने लूट क्यों होने दिया। उन्होंने कहा जब अखबारों में खबरें छपी की विनय चौबे पर छत्तीसगढ़ में मामला दर्ज हुआ है, तब अधिकारियों के कान खड़े हो गए। इसके बाद बीते साल अक्टूबर में प्राइमरी इन्क्वायरी कराया पर एफआईआर नहीं हुआ। कल ही एफआईआर हुआ। जांच हुई और विनय चौबे को जेल भेज दिया। यह आश्चर्य वाली बात है। यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार में पर्दा डालने के लिए किए गए षड्यंत्र का हिस्सा है। सीएम हेमंत भी भ्रष्टाचार के हिस्सेदार बाबूलाल ने कहा विनय चौबे को इस लिए जेल भेजा गया ताकि वे ईडी सीबीआई के सामने सच न बोल दे। जब यह बात सबको पता है कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले में ईडी जांच कर रही है। सीबीआई को जांच सौंपा गया है। इसी बीच झारखंड में एसीबी ने जांच शुरू कर दी। ऐसे में सीएम कैसे कह सकते हैं कि उन्हें जानकारी नहीं है। इन परिस्थितियों में कहा जा सकता है कि इस घोटाले में सीएम भी शामिल हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल ने कहा कि इस शराब घोटाले में एजेंसियों और लोगों ने फर्जी दस्तावेज दिए। कोर्ट को भी गुमराह किया। मीडिया में भी खबरें आईं, इसके बाद भी वैसे लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई। विभाग ने मामला तक दर्ज नहीं कराया। ईडी के गवाहों को दी जा रही धमकी बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार एसीबी का इस तरह इस्तेमाल कर रही है कि अब ईडी के गवाहों को भी धमकाया जा रहा है। उन्होंने दो सीओ मनोज और शैलेश का नाम लेकर कहा कि वे ईडी के चार्जशीट में गवाह हैं। एसीबी ने इन पर केस किया और छापेमारी की। ताकि उनके मामले को लटका कर रखा। उन लोगों को धमकी दी जा रही है कि ईडी की गवाही से मुकरे नहीं तो यहां कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ईडी की ओर से जमीन से जुड़े मामले की जांच में ईडी के तीन गवाह, उमेश टोप्पो, राज लकड़ा और प्रवीण जायसवाल पर भी दबाव डालने का जिक्र किया। बाबूलाल ने कहा कि जब उन्होंने बात नहीं मानी तो उन्हें जेल भेज दिया। ————————————– इस खबर को पढ़ें…. झारखंड शराब घोटाला, IAS विनय चौबे और गजेंद्र सिंह गिरफ्तार:ACB ने कोर्ट में पेश किया, 5 दिन की रिमांड मांगी, 6 घंटे हुई पूछताछ झारखंड में कथित तौर पर हुए शराब घोटाला मामले को लेकर IAS विनय चौबे को मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया है। इससे पहले ACB ने करीब 6 घंटे उनसे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ही मेडिकल टीम को बुलाया गया था। जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ACB ने मंगलवार को उनके तत्कालीन विभागीय सचिव होने के नाते पूछताछ की। सुबह 11 बजे के करीब टीम उन्हें ACB कार्यालय लेकर आई, जहां उनसे पूछताछ की गई। इसी मामले में IAS गजेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। गजेंद्र सिंह संयुक्त उत्पाद आयुक्त है। यहां पढ़ें पूरी खबर…


