भास्कर न्यूज | सुकमा जिले के केरलापाल क्षेत्र के पोंगाभेजी, सिरसट्टी, रबड़ीपारा समेत दर्जनों गांवों का संपर्क बारिश के चार महीने जिला मुख्यालय से कट जाता था। राशन से लेकर अन्य बुनियादी जरूरतों के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पोंगाभेजी के पास नदी पर पुल नहीं होने से बीते 7 दशक से ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने की मजबूरी थी। अब ये परेशानी जल्द दूर होगी। पोंगाभेजी और केरलापाल के बीच मलगेर नदी पर 2.20 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को जनप्रतिनिधियों ने भूमिपूजन कर पुल निर्माण की शुरुआत कर दी है। ऐसे में आजादी के 78 साल बाद पोंगाभेजी इलाके के दर्जनों गांवों तक पहुंच आसान होने के साथ ही सरकारी योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं भी पहुंचेंगी। बारिश के चार महीने पोंगाभेजी, सिरसट्टी समेत अन्य गांवों के ग्रामीणों को मलेगर नदी पार करने में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बारिश के दिनों में बर्तनों के सहारे नदी पार करते हैं। छोटे बच्चों को बर्तन में बैठाकर नदी पार करने में डर बना रहता था। इस दौरान कई बार ग्रामीण हादसे का शिकार भी हुए हैं। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। पुल बन जाने से ग्रामीणों की सालों पुरानी मांग पूरी होने के साथ ही योजनाओं का फायदा भी मिलेगा। इधर भूमिपूजन कार्यक्रम में मौजूद रहे भाजपा जिलाध्यक्ष धनीराम बारसे ने कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले पोंगाभेजी के ग्रामीणों से मलगेर नदी पर पुल बनाने का वादा किया था। सरकार ने अपना वादा पूरा किया है। केरलापाल से पोंगाभेजी तक 10 किमी सड़क के लिए 12 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। पुल के साथ सड़क का काम भी शुरू होगा। लोक निर्माण विभाग इसका निर्माण करेगा। सुकमा के सड़क निर्माण कंपनी वीएसआर को पुल और सड़क बनाने का ठेका दिया गया है। कांग्रेस के कार्यकाल में भी पोंगाभेजी तक पुल व सड़क को मंजूरी मिली थी, लेकिन सत्ता परिवर्तन के साथ ही टेंडर रद्द कर दिया गया। इसके पीछे का कारण ये बताया जा रहा है कि जगदलपुर के ठेकेदार ने एसओआर से काफी ज्यादा दर पर ठेका लिया था।


