भास्कर न्यूज | जांजगीर सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को अस्पताल में पहले सात दिन तक 1.5 लाख रुपए तक का केशलैस इलाज मिलेगा। यह योजना 5 मई से लागू हो गई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार, किसी भी सड़क पर वाहन के उपयोग से दुर्घटना के शिकार व्यक्ति को इस योजना के तहत चयनित अस्पताल में केशलैस इलाज का अधिकार होगा। केंद्र सरकार द्वारा राजपत्र में प्रकाशन के बाद 19 मई को अंतरविभागीय लीड एजेंसी(सड़क सुरक्षा) छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रदेशभर के कलेक्टर व एसपी को पत्र लिखकर इलाज की व्यवस्था करने और निगरानी करने को कहा है। अध्यक्ष ने अपने पत्र में लिखा है, घायल व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिन की अवधि के लिए चयनित अस्पताल में 1,50,000 रुपए तक के उपचार की पात्रता होगी। ये परेशानी दूर होगी: हर साल सड़क हादसे के बाद वक्त पर इलाज न मिलने से कई लोग जान गंवा देते हैं। कभी अस्पतालएडवांस की मांग करता है, तो कभी इंश्योरेंस पॉलिसी दिखाने की शर्त आड़े आ जाती है। घायल लोगों केपरिवार के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 11 सदस्यों की समिति को निगरानी का जिम्मा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) इस कार्यक्रम को लागू करने वाली एजेंसी होगी। एनएचए पुलिस, अस्पतालों और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी। राज्य सड़क सुरक्षा परिषद योजना के कार्यान्वयन की नोडल एजेंसी है। योजना की निगरानी के लिए सड़क सचिव की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय संचालन समिति गठित की जाएगी।


