156 गांवों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत लगाएंगे शिविर

भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा जिले के जनजाति ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत बुनियादी सुविधाएँ जैसे सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को ग्रामीणों की आवश्यकता अनुसार बेहतर स्वरूप एवं जमीनी क्रियान्वयन को मूर्तरूप देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत दंतेवाड़ा जिले के 156 ग्रामों को इस अभियान में शामिल किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा ब्लॉक के 34, गीदम के 42, कटेकल्याण के 51 एवं कुआकोंडा ब्लॉक के 29 ग्राम शामिल हैं। इन ब्लॉकों के 156 ग्रामों में शासकीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए समन्वित कार्य योजना बनाकर सभी विभागों ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। इन गांवों में शासन की विभिन्न योजनाओं से शत-प्रतिशत लोगों को लाभान्वित करने के लिए 15 से 30 जून तक धरती आबा संतृप्तिकरण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में ग्रामीणों को 17 विभागों की योजनाओं से यथासंभव मौके पर ही लाभान्वित किया जाएगा। इन शिविरों में ग्रामीणों को संबंधित विभागों की योजनाएँ जैसे पक्के घर , संपर्क सड़क , जल आपूर्ति-जल जीवन मिशन, सामुदायिक नल, घरों का विद्युतीकरण, नई सौर ऊर्जा योजना, मोबाइल चिकित्सा इकाइयाँ , आयुष्मान कार्ड, एलपीजी कनेक्शन , आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना, 1000 छात्रावास, पोषण वाटिकाएँ , यूएसओएफ भारत नेट, स्किल इंडिया मिशन, प्रस्ताव, डिजिटल पहल, सतत कृषि को बढ़ावा, मछली पालन सहायता, पशुधन पालन, क्षमता निर्माण, ट्राइबल होम स्टे और पीएमएएजीवाय से लाभान्वित किया जाएगा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 15 जून से लगने वाले संतृप्तिकरण शिविर का बेहतर एवं सुचारू क्रियान्वयन करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। साथ ही धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अपने गांवों के समग्र विकास के लिए ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि इस अभियान के तहत गांव की स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास योजनाओं को बनाने, उनका संचालन करने और उसमें आने वाली समस्याओं को नियमानुसार सुलझाने के लिए इन शिविरों में ग्रामीणों की अधिक से अधिक भागीदारी जरूरी है। ग्रामीण शिविरों में उपस्थित हों।

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