एडीजी प्रशिक्षण सह आधुनिकीकरण सुमन गुप्ता ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में नए आपराधिक कानूनों के तहत अनुसंधान की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि कांडों के अनुसंधान में सौ फीसदी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाएं। घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी अनिवार्य करें। सर्च और सीजर की भी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करें। पीड़ित और अन्य संबंधित लोगों के बयान की रिकॉर्डिंग के लिए ई-साक्ष्य मोबाइल ऐप का उपयोग करें। एडीजी ने कहा कि जिन मामलों में सात साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है, उनमें घटनास्थल का निरीक्षण जरूरी है। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को तुरंत बुलाएं। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में तय समय सीमा 60 और 90 दिन के भीतर अनुसंधान पूरा करें। सभी रेंज डीआईजी को निर्देशों के अनुपालन की जिम्मेदारी दी गई है। एडीजी ने कहा कि इन बिंदुओं पर नियमित समीक्षा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीसीटीएनएस में रियल टाइम और गुणवत्तापूर्ण डाटा की प्रविष्टि सुनिश्चित करें। मई-जून 2025 में राज्य स्तर पर पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के लिए सीसीटीएनएस डाटा की गुणवत्ता पर प्रशिक्षण प्रस्तावित है।


