भास्कर न्यूज | लुधियाना देशभर में अपनी पहचान बना चुकी लुधियाना की होजरी इंडस्ट्री इस समय भारी संकट में है। जम्मू-कश्मीर के व्यापारियों द्वारा बुक किया गया माल लेने से इनकार और करोड़ों रुपए की पेमेंट रोकने से उद्यमी परेशान हैं। इसके साथ ही मौसम की मार और सरकारी समर्थन की कमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। तैयार माल हजारों की संख्या में गोदामों में डंप पड़ा है। हालात इतने गंभीर हैं कि कारोबारियों ने इस बार 30% तक प्रोडक्शन घटाने का फैसला लिया है। उद्योगपतियों का कहना है कि उन्होंने बैंकों से लोन लेकर बड़े स्तर पर उत्पादन किया था, ताकि सर्दियों में मांग के अनुसार आपूर्ति की जा सके। लेकिन अब जब वह माल बाजार में पहुंचना था, तो जम्मू-कश्मीर के बड़े खरीददारों ने माल लेने से इनकार कर दिया है। इससे लुधियाना के व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। होजरी कारोबारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से एक तो कोई राहत योजना नहीं है। ऊपर से जीएसटी व प्रदूषण विभाग वाले दुर्व्यवहार कर रहे हैं। कारोबारी चाहते हैं कि राज्य और केंद्र सरकार इस मामले में दखल देकर बकाया भुगतान दिलवाए, ताकि उद्योग को बचाया जा सके। व्यापारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही, तो आने वाले दिनों में मजदूरों की छंटनी तो करनी पड़ेगी ही साथ ही इकाइयों के बंद होने का खतरा भी बन रहा है। लुधियाना की होजरी इंडस्ट्री सालाना हजारों करोड़ रुपए का कारोबार करती है और लाखों लोगों की रोजी-रोटी इससे जुड़ी है। अगर बंद करने की नौबत आई तो मजदूरों को दिक्कत होगी। निटवियर क्लब के प्रधान दर्शन डावर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के व्यापारियों ने पहले ऑर्डर बुक करवाया, लेकिन अब न तो माल ले रहे हैं और न ही पिछली पेमेंट दे रहे हैं। इस वजह से इंडस्ट्री में भारी नकदी संकट खड़ा हो गया है। डिमांड कम आने के कारण इस बार कम माल तैयार करना मजबूरी बन रही है। सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा। ऊपर से जीएसटी विभाग और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी कारोबारियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। ऐसे में माल तैयार करने में काफी दिक्कतें आ रहीं हैं। अगर सरकार की ओर से कोई योजना चलाकर राहत दी जाए तो इंडस्ट्री का संकट दूर हो सकता है। होजरी कारोबारी सुभाष मग्गू ने बताया कि उनके पास जम्मू-कश्मीर से आए बड़े ऑर्डर थे, जिन्हें उन्होंने समय पर तैयार किया। लेकिन अब हालात यह हैं कि पेमेंट भी फंसी है और माल भी। उन्होंने कहा कि अब लोन लेकर नया प्रोडक्शन करना पड़ेगा, क्योंकि पिछले साल जैसी सर्दी नहीं पड़ी और इस साल भी मौसम को लेकर संशय है। उनके पास माल पड़ा है और इस बार ऑर्डर भी कम आ रहा है। इसलिए इस बार हमने 30% कम माल तैयार करने का फैसला लिया गया है। माल कम तैयार होगा तो मजदूरों की संख्या भी कम करनी पड़ेगी। इस कारण बाद में मजदूर मिलने में भी दिक्कत आएगी। होजरी कारोबारी जसविंदर सिंह ने बताया कि पहले जम्मू-कश्मीर में टूरिज्म के चलते अच्छी डिमांड रहती थी, लेकिन अब सुरक्षा कारणों के चलते टूरिस्ट नहीं जा रहे, जिससे मार्केट डाउन है। पहले जहां हजारों पीस के ऑर्डर मिलते थे, अब मुश्किल से 100 पीस की डिमांड आ रही है । इसलिए कम माल तैयार करने का फैसला किया है। प्रोडेक्शन कम होने के कारण इंडस्ट्री को काफी दिक्कत आएगी। सरकार को कोई योजना चलाकर इंडस्ट्री को राहत देनी चाहिए, लेकिन हो इसके विपरीत रहा है। आए दिन जीएसटी और प्रदूषण विभाग वाले दुर्व्यवहार कर कारोबारियों को परेशान करते हैं।


