छत्तीसगढ़ में महिला समूहों को आर्थिक रुप से मजबूत बनाने के लिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में वुमन फॉर ट्रीज नाम से एक अभियान शुरू किया गया है। यह कार्यक्रम अमृत 2.0 योजना और डे-एनयूएलएम के कन्वर्जेंस से संचालित किया जा रहा है। केन्द्र सरकार के एक पेड़ मां के नाम से प्रेरित होकर अमृत मित्र योजना अंतर्गत इस पौधरोपण अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस पूरे अभियान का क्रियान्वयन महिला समूहों द्वारा किया जाएगा। इस अभियान के संचालन के संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग सचिव डॉ. बसवराजू एस ने सभी कलेक्टरों को चिट्ठी भेजी है। बताया गया है कि यह अभियान दो चरणों में संचालित किया जाएगा। उनसे कहा गया है कि सभी कलेक्टर इस योजना में व्यक्तिगत सहभागिता निभाएं और जिला स्तर पर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। यह भी कहा गया है कि निकायों के माध्यम से चलाए जाने वाले इस अभियान की पूर्व की स्थिति, अभियान के दौरान और बाद की तस्वीर को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड करना जरूरी है। निकायों के इन सभी स्थानों पर पौधे लगाने जमीन खोजने की तैयारी
योजना के लिए खाली पड़ी जमीनों का चिन्हांकन निकायों में किया जाएगा। इसके तहत अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत नगरीय निकायों में सरकारी स्वामित्व की जमीन, तालाब, अन्य वाटर बॉडी, आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी अस्पतालों, स्कूलों, उद्यानों, एसटीपी या डब्ल्यूटीपी, एलएलआरएम सेंटर, मुक्तिधाम, कृष्णकुंज, गौठान, धार्मिक स्थल, एएचपी आवास, रोड डिवाईडर, कॉलेज आदि स्थानों पर पौधरोपण किया जाना है। चिन्हांकित स्थानों की इंट्री केंद्र सरकार की अमृत मिशन 2.0 पोर्टल पर रिपोर्ट प्रतिवेदन के साथ की जानी है। महीनेभर चलेगा पौधरोपण
पहला चरण 21 से 24 मई तक होगा। इसमें प्रदेश के सभी नगरीय निकायों का दौरा कर पौधरोपण के लिए स्थान का चिन्हांकन किया जाएगा। दूसरा चरण 15 जुलाई से 15 अगस्त तक चलेगा। इसे प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष, पार्षद, निकायों के वरिष्ठ नागरिकों, स्कूल, कॉलेज के छात्रों की सहभागिता से पूरा किया जाएगा। पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी
इसका उद्देश्य नगरीय निकायों में हरियाली को बढ़ावा देना, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, लोगों को स्वस्थ जीवन-शैली एवं महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। यह अभियान नारी सशक्तिकरण एवं हरित भारत के निर्माण की दिशा में एक अनूठा प्रयास है। इस अभियान को सामाजिक सहभागिता और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के साथ पूरा किया जायेगा।


