प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि कोटा की कोचिंग संस्थान के निदेशक डॉ. गोविंद माहेश्वरी और उज्जैन के प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद बांगड़ रहे। दोनों ने अपने संबोधन में समाज को नए दौर में सामाजिक कार्य करने और व्यापारिक नीति निर्धारण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समाज के बच्चों में बचपन से संस्कारों का समावेश करने का आह्वान किया। सर्वसम्मति से महासभा के तहत कार्य कर रहे सभी सामाजिक सहायता ट्रस्टों में समय की मांग को देखते हुए सहायता राशि बढाई गई। उनके लिए लगभग 20 नए सहयोगी ट्रस्ट भी बनाए गए। इस दौरान एबीएमएम परिचय पुस्तिका का विमोचन किया गया। भास्कर न्यूज|बूंदी माहेश्वरी समाज के समाजोत्थान के लिए सूरत समागम-2024 के दौरान अहम निर्णय लिए गए। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में बूंदी जिले के माहेश्वरी समाजबंधु भी शामिल हुए। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने माहेश्वरी महाकुंभ का सौभाग्य राजस्थान के हिस्से में सौंपा है। समाज का महाकुंभ जोधपुर में किया जाएगा। जिला माहेश्वरी सभा के जिलाध्यक्ष चंद्रभानु लाठी ने बताया कि अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा की ओर से सूरत में समाजबंधुओं का समागम 21-22 दिसंबर को हुआ। इस दौरान पदाधिकारियों, कार्यसमिति कार्यकारी मंडल की प्रथम व द्वितीय सत्र की बैठक वंदेमातरम, भारत-माता के जय उद्घोष के साथ हुई। रात के समय पश्चिमांचल की समूह-चर्चा बैठक हुई। समाजबंधुओं के समागम में सभापति संदीप काबरा ने 2026 में समाज का ऐतिहासिक अधिवेशन माहेश्वरी-महाकुंभ जोधपुर में करने की घोषणा की। जिसका सदन ने तालियां बजाकर स्वागत किया। अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के अर्थ मंत्री राजकुमार काल्या, उपसभापति पश्चिमांचल राजेशकृष्ण बिरला, प्रदेश मंत्री आनंद राठी, महासभा कार्यसमिति सदस्य घनश्याम लाठी, जिलाध्यक्ष चन्द्रभानु लाठी के संयोजन में बूंदी जिले से कार्यकारी मंडल सदस्य राधेश्याम गुप्ता, सुनील जैथलिया, सुरेश जागेटिया, सत्यप्रकाश नुवाल (मौजी), नवरत्न बील्या जोनू ने भाग लिया। इस समागम में देशभर के पदाधिकारियों व चुनिंदा समाजबंधुओं ने भाग लिया। समाजबंधुओं ने अपने अहम सुझाव भी दिए। बूंदी. सूरत में आयोजित समागम में जिले से माहेश्वरी समाजबंधु शामिल रहे।


