मध्यप्रदेश में अगले 4 दिन तक ओले, बारिश और कोहरा रहेगा। वहीं, रात में ठंडी हवाओं से ठिठुरन रहेगी। मौसम विभाग ने 27 दिसंबर को सिस्टम सबसे ज्यादा स्ट्रॉन्ग रहने का अनुमान जताया है। इस दिन भोपाल, ग्वालियर समेत 21 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट है। वहीं, अन्य जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इससे पहले सोमवार को भी मौसम बदला रहा। भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। इससे दिन के टेम्प्रेचर में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से मौसम का मिजाज बदला रहेगा। राजस्थान के ऊपर भी एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की एक्टिविटी रहेगी। जिससे बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम इस बार सीजन का पहला मावठा पड़ेगा
मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर के महीने में प्रदेश में बारिश का ट्रेंड रहता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही मौसम है। इस बार भी मौसम बदल गया है। शनिवार को छिंदवाड़ा में बारिश भी हुई थी। वहीं, सोमवार को बादल छा गए हैं। सिस्टम गुजरने के बाद ठंड का असर इस बार मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अमूमन दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में कड़ाके की ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहले ही पखवाड़े में ऐसी ठंड रही। आखिरी दिनों में बारिश की एक्टिविटी रहेगी। इसके गुजरने के बाद एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा, जो पूरे जनवरी महीने तक चलेगा। रात के तापमान में बढ़ोतरी, नौगांव-पचमढ़ी सबसे ठंडे
प्रदेश के ज्यादातर शहरों से कड़ाके की ठंड का दौर खत्म हो गया है। ऐसा उत्तरी हवाओं के नहीं आने और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी की वजह से हुआ है। जिससे रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। रविवार-सोमवार की रात में नौगांव में 6.2 डिग्री, पचमढ़ी में 7.9 डिग्री, खजुराहो-मंडला में 8 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.2 डिग्री, रायसेन में 9.2 डिग्री और उमरिया में 9.4 डिग्री तापमान रहा। बाकी जिलों में पारा 10 डिग्री के ऊपर ही दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे ज्यादा 14.6 डिग्री, उज्जैन में 13.5 डिग्री, जबलपुर में 10.4 डिग्री, भोपाल में 10.2 डिग्री और ग्वालियर में पारा 9.3 डिग्री रहा। इस बार दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड दिसंबर महीने में ही इस बार ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन से शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए जा रहे हैं। नवंबर में भी सर्दी तोड़ चुकी रिकॉर्ड नवंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में तो 36 साल का रिकॉर्ड टूटा है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। अब दिसंबर में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। MP के 5 बड़े शहरों में दिसंबर में ऐसा ट्रेंड भोपाल में 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड
भोपाल में दिसंबर में दिन-रात ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हो गई। हालांकि, इस बार बारिश नहीं हुई, लेकिन लगातार सात दिन से शीतलहर और कोल्ड डे (ठंडा दिन) जैसी स्थिति है। वहीं, रात के पारे में जबरदस्त गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है, लेकिन 15-16 दिसंबर की रात में यह 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। यानी, पिछले 10 साल में तो पारा सबसे कम रहा ही, साथ में ओवरऑल रिकॉर्ड के करीब भी है। इंदौर में 5 से 8 डिग्री के बीच रहा पारा इंदौर में दिसंबर में रात का तापमान 5 से 8 डिग्री के बीच रहता है। पिछले साल तापमान 10.1 डिग्री तक पहुंच गया था। 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिन में पारा 28 से 31 डिग्री के बीच ही रहता है। इस महीने इंदौर में बारिश भी होती है। पिछले 4 साल से बारिश हो रही है। 31 दिसंबर 2015 को दिन का सर्वाधिक तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। 27 दिसंबर 1936 की रात में टेम्प्रेचर 1.1 डिग्री रहा था। सर्वाधिक कुल मासिक बारिश वर्ष 1967 को 108.5 मिमी यानी 4.2 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 53 मिमी यानी 2.1 इंच बारिश 17 दिसंबर 2009 को हुई थी। ग्वालियर में दिसंबर में हो चुकी बारिश ग्वालियर में दिन में गर्मी तो रात में ठंड रहती है। पिछले 10 साल में यहां अधिकतम तापमान 26.2 से 31.6 डिग्री तक रह चुका है। वहीं, रात में पारा 1.8 से 6.9 डिग्री दर्ज किया गया। 6 दिसंबर 2006 को दिन का तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। 26 दिसंबर 1961 को न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री पहुंचा था। साल 1997 में कुल मासिक बारिश 106.6 मिमी यानी 4.1 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 13 दिसंबर 2013 को 32.1 मिमी यानी 1.2 इंच हुई थी। जबलपुर में भी बारिश का ट्रेंड जबलपुर में दिसंबर में बारिश होने का भी ट्रेंड है। 28 दिसंबर 1960 को दिन का तापमान 33.2 डिग्री पहुंच चुका है। 28 दिसंबर 1902 की रात का तापमान 0.6 डिग्री रहा था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वर्ष 1885 को सर्वाधिक मासिक बारिश 125 मिमी यानी 4.9 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 68.1 मिमी यानी 2.6 इंच 16 दिसंबर 1885 को हुई थी। उज्जैन में भी कड़ाके की ठंड
उज्जैन में दिन का औसत तापमान 28.2 डिग्री और रात में 9.4 डिग्री है। इस महीने औसत 4.6 मिमी बारिश होती है। पिछले 5 साल से उज्जैन में दिसंबर में बारिश हो रही है। 18 दिसंबर 2002 को दिन में टेम्प्रेचर 34.9 डिग्री पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 28 दिसंबर 1968 और 29 दिसंबर 1983 को रात में पारा 0.5 डिग्री पहुंच चुका है। साल 1997 को कुल मासिक बारिश 119.4 मिमी यानी 4.7 इंच बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश की बात करें तो 11 दिसंबर 1967 को 35.3 मिमी यानी 1.3 इंच बारिश हुई थी।


