भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर राज्य स्तरीय कायाकल्प मूल्यांकन टीम 22 मई की शाम 6:30 बजे कोरिया जिला अस्पताल और पटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। टीम ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल के मेल-फीमेल वार्ड, लेबर रूम, ओटी और पैथोलॉजी लैब का जायजा लिया। मरीजों और स्टाफ से सीधे बातचीत कर चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और प्रबंधन की जानकारी ली। यह निरीक्षण कायाकल्प कार्यक्रम के तहत किया गया। इसमें स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुविधाएं और अस्पताल प्रबंधन समेत आठ मानकों पर मूल्यांकन किया गया। टीम में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला, डॉ. जितेंद्र कुमार, राज्य सलाहकार रामकृष्ण पांडेय, डॉ. प्रीतम राय, मोनिका साहू और अस्पताल सलाहकार नीलेश गुप्ता शामिल रहे। अस्पताल प्रबंधन को टीम के आने की जानकारी पहले से थी। इसी कारण अस्पताल को सजाया गया। नर्सिंग छात्राओं ने रंगोली बनाई। टीम के स्वागत में नृत्य और पुष्पगुच्छ भेंट किए गए। निरीक्षण से पहले लोगों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। डॉक्टर और कर्मचारी तय ड्रेस में मौजूद रहे। शाम 5 बजे के बाद अस्पताल में मरीजों की भीड़ कम हो जाती है। डॉक्टर और कर्मचारी छुट्टी पर चले जाते हैं। ऐसे में टीम को अव्यवस्था नहीं दिखी। निरीक्षण के बाद संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। इसमें पाई गई कमियों पर चर्चा कर सुधार के सुझाव दिए गए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह, सिविल सर्जन डॉ. आयुष जायसवाल, आरएमओ डॉ. कार्तिकेय सिंह, डॉ. अनित बाखला, डीपीएम डॉ. अशरफ अंसारी, क्वालिटी नोडल अधिकारी, नर्सिंग इंचार्ज और अन्य विभागों के प्रभारी मौजूद रहे। निरीक्षण में चयनित जगहों पर ही टीम की नजर लोगों का कहना है कि टीम का देर शाम पहुंचना समझ से परे है। क्योंकि उस समय अधिकतर कर्मचारी अस्पताल से जा चुके होते हैं। इससे कई अव्यवस्थाएं सामने नहीं आ सकीं। अस्पताल प्रबंधन ने केवल चुनी हुई जगहों का निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान वे डॉक्टर और स्टाफ भी मौजूद थे, जो आमतौर पर ड्यूटी टाइम में गैरहाजिर रहते हैं।


