मप्र साहित्य अकादमी का ‘ईसुरी पुरस्कार’ डॉ. सुमन चौरे को:पुस्तक ‘निमाड़ का सांस्कृतिक लोक’ के लिए किया जाएगा सम्मानित

मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी ने लोकभाषा के प्रमुख सम्मान ‘ईसुरी पुरस्कार’ से डॉ. सुमन चौरे को सम्मानित करने की घोषणा की है। उन्हें यह पुरस्कार उनकी चर्चित पुस्तक ‘निमाड़ का सांस्कृतिक लोक’ के लिए दिया जाएगा। डॉ. चौरे की यह पुस्तक लोक संस्कृति और लोक साहित्य के संरक्षण की दिशा में उनके अथक प्रयासों का परिचायक है। डॉ. चौरे ने अपनी पुस्तक में लुप्त हो रही परम्पराओं और लोकगीतों का संकलन किया है। उनका यह कार्य लोक कला और संस्कृति के संरक्षक के रूप में उन्हें अपार सम्मान दिला चुका है। डॉ. चौरे का जन्म जून 1948 में निमाड़ के कालमुखी गाँव में हुआ था। उन्होंने न केवल निमाड़, बल्कि मालवा, बुंदेलखंड, गुजरात और खानदेश के क्षेत्रों में घूम-घूमकर लोक गीतों, कथाओं और नाट्यों का अध्ययन किया। राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी के संपादन में ‘कर्मवीर’ साप्ताहिक में उनकी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं।

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