नरेश चंद से बने मुनि पुण्य वर्धन सागर

भास्कर न्यूज | कवर्धा जैन मुनि पुण्य वर्धन सागर का रविवार 25 मई को कवर्धा आगमन हो रहा है। सुबह 7 बजे उनका आगमन होगा। जैन समाज की ओर से उनके स्वागत अभिनंदन की तैयारी की जा रही है। कवर्धा आगमन के बाद मुनि पुण्य वर्धन 3-4 दिन के प्रवास रहेंगे। इस दौरान प्रतिदिन दोपहर 3 से 5 बजे तक ज्ञानवर्धक शिविर लगेगा। शिविर में जैन मुनि 10 वर्ष के बच्चों से लेकर 25 वर्ष तक युवाओं को ज्ञान की बातें सिखाएंगे। साथ ही रात्रि में प्रतिक्रमण कार्यक्रम होगा। जानकारी के अनुसार, झोतेश्वर (गोटेगांव) की पावन भूमि पर जन्मे नरेश चंद बरडिया ने 15 जनवरी 2022 को मालपुरा (राजस्थान) में जैन भागवती की दीक्षा ली थी। दीक्षा लेकर मुनि पुण्य वर्धन सागर जी मसा के रूप में नया जीवन प्रारंभ किया। दीक्षा से पूर्व वे कवर्धा में दवा व्यवसाय से जुड़े रहे। वर्ष 2006 में गोटेगांव से कवर्धा आए थे। अपने मधुर व्यवहार, अपनापन और मिलनसारिता से समाज में विशेष पहचान बनाई। व्यवसायिक सफलता के साथ धार्मिक झुकाव रहा: नरेश चंद बरडिया के साथ पुत्र अमित और अनुराग बरडिया ने व्यापार में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया। बेटी डॉ. अमिता पारख चिकित्सा सेवा में सक्रिय हैं। व्यवसायिक सफलता के साथ उनका झुकाव धार्मिक और सामाजिक कार्यों की ओर बढ़ा। मुनि भगवंतों के सानिध्य में उन्होंने ओली, उपधान, सिद्धि तप जैसे कठिन तप किए। दीक्षा के बाहर हजारों किमी पदयात्रा की दीक्षा के बाद मुनि पुण्य वर्धन सागर हजारों किलोमीटर की पदयात्रा कर कठिन तपश्चर्याओं में लीन हैं। अब पूज्य विनम्र सागर जी मसा के नेतृत्व में वर्ष 2025 का चातुर्मास नरसिंहपुर (मप्र) में करने का निर्देश मिला है। संयम अंगीकार के बाद सांसारिक कर्मभूमि कवर्धा में उनका प्रथम प्रवास रविवार को हो रहा है। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने बाहर से श्रद्धालु भी पहुंच रहे हैं। स्वागत में पूरा शहर भाव-विभोर है।

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