जशपुर में रविवार को पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में एसएसपी शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना-चौकी प्रभारी और शाखा प्रभारी मौजूद रहे। एसएसपी ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने थानेदारों को शराब पीकर वाहन चलाने, स्टंटबाजी और ओवरलोडिंग पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। नशे में वाहन चलाने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के आदेश भी दिए। भारत सरकार की राह-वीर योजना के बारे में जानकारी दी गई। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायलों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले को 25,000 रुपए और प्रशंसा पत्र मिलेगा। साल के सर्वश्रेष्ठ राह-वीर को राष्ट्रीय स्तर पर 1 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। एसएसपी ने मादक पदार्थों की तस्करी पर भी ध्यान दिया। गांजा व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ PIT NDPS Act के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। SMAC में नशा तस्करों की जानकारी अपडेट करने को कहा। बैठक में थाना और चौकीवार लंबित मामलों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने विवेचकों को जांच का स्तर सुधारने और दोषसिद्धि दर बढ़ाने के निर्देश दिए। राजपत्रित अधिकारियों को विवेचकों की कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए कहा गया। पैदल मार्च, कांबिंग गश्त सुनिश्चित करने का निर्देश समीक्षा बैठक में ऑपरेशन आघात, ऑपरेशन शंखनाद और ऑपरेशन मुस्कान में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही निगरानी बदमाशों की पहचान कर लगातार चेकिंग, पैदल मार्च, कांबिंग गश्त और क्षेत्र में विजिबल पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए थानेदारों को निर्देशित किया गया। अधिकारियों को औचक निरीक्षण का दिया निर्देश एसएसपी ने सभी राजपत्रित अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक बार अपने अधीनस्थ थानों का दौरा और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने और ब्लैक स्पॉट्स पर दुर्घटना रोकथाम के लिए यातायात शाखा को कार्रवाई तेज करने को कहा गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि कोई भी शिकायतकर्ता थाना या चौकी से निराश न लौटे। प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष जांच हो और समाधान के लिए वरिष्ठ कार्यालय आने की आवश्यकता न पड़े।


