सेक्स-रैकेट में जब्त फोन से मिले बांग्लादेशी महिलाओं के नंबर:8 साल से पहचान छिपाकर रह रही थी; दुर्ग-भिलाई में अब तक 5 अरेस्ट

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने 2 और बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इससे पहले भिलाई से 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। यह सभी अवैध तरीके से यहां रह रहे थे। एसटीएफ की टीम अवैध प्रवासियों की तलाश कर रही है। मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है। एसटीएफ हेड सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि, एक दिन पहले मोहन नगर के जयंती नगर में सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ था। उस मामले की जांच के दौरान आरोपी महिला के मोबाइल से इन महिलाओं के नंबर भी मिले। एक महिला ने अपना नाम रानी पासवान और दूसरी ने सपना शर्मा बताया। जब उनके दस्तावेजों की जांच की गई, तो पता चला कि रानी पासवान का असली नाम खुशबू बेगम (35 साल) और सपना शर्मा का सनाया नूर (30 साल) है। पिछले 8 साल से छत्तीसगढ़ में रह रही दोनों बांग्लादेश की रहने वाली हैं। अवैध तरीके से बार्डर पार कर भारत में घुसी हैं। एसटीएफ ने जब दोनों महिलाओं के मोबाइल डाटा की जांच की, तो पता चला कि, सनाया नूर मूल रूप से जोरहाट जिला दीनाजपुर बांग्लादेश की रहने वाली है। उसने 15 साल पहले बांग्लादेश सीमा को अवैध तरीके से पार किया। बिना वैध दस्तावेज के भारत आई। पिछले 8 साल से चंगोराभाठा रायपुर में रह रही है। सनाया ने फर्जी दस्तावेज बनवाए सनाया ने 2019 में अपनी पहचान छिपाकर खुद को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे। उसने अभय शर्मा नाम के व्यक्ति को अपना पति बताकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवा लिया था। जांच में पता चला कि वह इंटरनेट कॉल के जरिए बांग्लादेश के कई नंबरों से संपर्क में थी। फर्जी दस्तावेज बनाने की झूठी शादी रानी पासवान उर्फ खुशबू से पूछताछ में पता चला कि, वो जोबरहाट जिला दिनाजपुर बाग्लादेश की रहने वाली है। 15 साल पहले अवैध रूप से बिना वैध दस्तावेज के बांग्लादेश से भारत में घुसी। पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जन्म तिथि और खुद को मूल निवासी बताकर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया। इसके बाद खुद को भारतीय नागरिक बताते हुए फर्जी शादी कर राशन कार्ड और बाकी दस्तावेज भी बनवाए। मकान मालिक पर भी होगी कार्रवाई पुलिस ने उन मकान मालिकों को भी नोटिस जारी किया है, जिनके मकान में यह महिलाएं फर्जी तरीके से रह रही थीं। यदि जांच में उनकी संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। अब तक इन बांग्लादेशियों की हुई गिरफ्तारी ——————————— इससे संबंधित यह खबरें भी पढ़िए… भिलाई में ज्योति बनकर रह रही थी बांग्लादेश की शाहिदा:पति ने कई इंडस्ट्रीज में काम किया, दोनों का वीजा एक्सपायर, फर्जी आधार, पैन-कार्ड बनवाया दुर्ग पुलिस की STF (स्पेशल टास्क फोर्स) जिले में पहचान छिपाकर अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की तलाश कर रही है। STF ने 4 दिन के भीतर दूसरी कार्रवाई करते हुए बांग्लादेशी दंपती को गिरफ्तार किया है। भिलाई में पत्नी घरेलू काम करती थी और पति इंडस्ट्रीज में काम करता था। पढ़ें पूरी खबर… मकान मालिक घुसपैठियों से हो जाएं सावधान: अवैध रूप से आ रहे बांग्लादेशी, किराए पर दिया घर तो होगी जेल, छत्तीसगढ़ में STF गठित, होल्डिंग सेंटर भी बने छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से बांग्लादेशी घुसपैठ कर रहे हैं। अलग-अलग शहरों में नाम बदलकर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर घर किराए में लेकर रह रहे हैं। ऐसे में मकान मालिक सावधान हो जाएं, वरना जेल होगी। सरकार ने हर जिले में STF गठित की है, जो अवैध प्रवासियों को ढूंढ रही है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) अवैध रूप से बसे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें होल्डिंग सेंटर तक पहुंचाने का काम करेगी। अगर आपने भी अनजाने में या जानबूझकर किसी बांग्लादेशी नागरिक, पाकिस्तानी और रोहिंग्या मुसलमानों को अपने मकान में किराएदार या सहायक के रूप में रखा है, तो आप पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। छत्तीसगढ़ में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) किस तरह से काम करेगी? क्या है होल्डिंग सेंटर? ये कितना हाईटेक होगा? पढ़ें इस खास रिपोर्ट में

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