भास्कर न्यूज | कोरबा एसईसीएल कुसमुंडा के सोनपुरी के पास नहर किनारे पोखरी से पंप को हटा लिया गया है। राखड़ पाटने के लिए पंप लगाकर पानी को खाली किया जा रहा था। अब फिर से पोखरी में पानी भरने लगा है। इसके बाजू में ही डंपिंग एरिया को समतल करने के बाद जटराज गांव को बसाहट देने की तैयारी है। दैनिक भास्कर ने 9 मई के अंक में जल स्रोत से खिलवाड़: गढ्ढों पर है माफिया की नजर, राखड़ भरने पोखरी से निकाल रहे पानी शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। उसके बाद नगर निगम के सभापति और ग्रामीणों ने भी विरोध जताया था। यही नहीं ग्रामीणों ने कहा था कि पोखरी का पानी निस्तार के काम आता है। इसके बाद पंप को हटा दिया गया है। पोखरी की गहराई इतनी है कि भू-जल स्रोत के कारण फिर से जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके पानी का उपयोग सिंचाई और पेयजल के लिए भी किया जा सकता है। खदान नजदीक आने के कारण क्षेत्र का भू-जल स्तर गर्मी के समय गिर जाता है। जिसके कारण ही आसपास के गांव में टैंकर से पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है।


