शंकर कुमार देवघरिया| रामगढ़ रामगढ़ जिला के चुटुपालू घाटी, बायपास फोरलेन मोड़, एनएच 33 व 23 के कई स्थानों को एक्सीडेंटल जोन के रूप में चिन्हित किए जाने के बाद स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डिर्पाटमेंट द्वारा 1.32 करोड़ की लागत से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कराया था। लेकिन पांच वर्ष पूर्व बनाये गये ट्रॉमा सेंटर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पद का सृजन नहीं किया गया। ट्रॉमा सेंटर के हैंडओवर के बाद लोकल स्तर पर कोरोना काल में उक्त भवन में तीस बेड लगाकर संक्रमितों का इलाज किया गया। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीसी माधवी मिश्रा ने लोकल स्तर पर डीएमएफटी मद से डॉक्टर व मैनपावर की व्यवस्था कर ट्रॉमा सेंटर में ओपीडी चालू कराया गया था। जो कुछ दिनों तक चलने के बाद बंद हो गया। इसके बाद सदर अस्पताल प्रबंधन द्वारा वर्तमान में उक्त सेंटर में तीन ड्रेसर, गार्ड और सफाईकर्मी को बहाल कर रेफरल प्वाइंट बनाकर छोड़ दिया था। जहां दुर्घटना में घायल मरीजों के आने पर सिर्फ मरहम-पट्टी कर उन्हें रेफर कर दिया जाता था। लेकिन अब शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट कर दिए जाने से ओपीडी सेवा आरंभ हो गई है। प्रत्येक दिन सुबह नौ से दोपहर तीन तक ओपीडी के दौरान पचास से ज्यादा मरीज यहां इलाज के लिए प्रतिदिन आने लगे हैं। जिसका लाभ मुर्राम, कांकेबार, गंडके, गोसा, चेटर, बूढ़ा खोंखरा सहित आस-पास के दर्जनों ग्रामीणों को मिलने लगा है। ओपीडी सेवा के अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त सेंटर में तीनों पालियों में स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति किया गया है। जो सड़क दुर्घटना में घायलों को प्राथमिक उपचार कर 108 एंबुलेंस के माध्यम से सदर अस्पताल रेफर करते हैं।


