एससी-एसटी, ओबीसी छात्रवृत्ति भुगतान को जिला कल्याण विभाग को िमले

ई-कल्याण योजना के तहत िजले के 1.5 लाख विद्यार्थियों को मिलती है राशि सिटी रिपोर्टर | धनबाद झारखंड सरकार ई कल्याण योजना मद में एससी, एसटी व ओबीसी विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए प्रत्येक महीने सहायता राशि देती है। इसके तहत 1-12वीं क्लास के विद्यार्थियों के अलावा स्नातक, पीजी, बीएड, इंजीनियरिंग सहित अन्य पढ़ाई करनेवालों को स्कॉलरशिप दिया जाता है। जिला कल्याण विभाग के अनुसार मई 2025 में ई-कल्याण योजना के तहत एससी, एसटी व ओबीसी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति भुगतान के लिए 38.10 करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें कक्षा 1-8वीं तक के अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के िलए 5 करोड़, अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के लिए 4.1 करोड़ तथा ओबीसी स्टूडेंट्स के लिए 17 करोड़ रुपए आए हैं। 9-10 के ओबीसी, एसटी व एससी विद्यार्थियों के लिए राशि नहीं िमली है। वहीं पोस्ट मैट्रिक एससी व एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की 12 करोड़ की राशि में पोस्ट मैट्रिक एससी वर्ग के िलए 4 करोड़ तथा पोस्ट मैट्रिक एसटी विद्यार्थियों के लिए 8 करोड़ की राशि है। पोस्ट मैट्रिक ओबीसी विद्यार्थियों के लिए स्कॉलरशिप की राशि अभी नहीं आई है। जबकि जिले में प्री मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक सबसे ज्यादा विद्यार्थियों की संख्या ओबीसी वर्ग की ही है। बताते चलें िक ई कल्याण योजना मद में धनबाद जिले में 1.5 लाख से अधिक ओबीसी, एससी व एसटी विद्यार्थियों को प्री मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान किया जाता है। जिला कल्याण विभाग का कहना है कि ई कल्याण मद में विभाग को राशि िमली है, वह वित्तीय वर्ष 2024-25 व वित्तीय वर्ष 2023-24 मद में बकाया स्कॉलरशिप भुगतान के लिए है। विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से अभी 50% राशि ही जिला को िमली है। प्री मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक मिलाकर 50% विद्यार्थियों के स्कॉलरशिप की राशि नहीं आई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्री मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों के लिए रजिस्ट्रेशन चल रहा है। इस वित्तीय वर्ष के लिए स्कॉलरशिप का भुगतान शुरू नहीं हुआ है। आवेदनों के सत्यापन के बाद सरकार से स्कॉलरशिप भुगतान के लिए राशि मांगी जाएगी। योजना मद में 1-8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को हर महीने 1,500 रुपए, 6-8 वीं के विद्यार्थियों को 2.5 हजार तथा नौवीं व 10वीं के विद्यार्थियों को 4500 रुपए मिलते हैं। वहीं पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थियों को कॉलेज व संस्थान के शुल्क के आधार पर राशि दी जाती है।

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