मारपीट के मामले में 18 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

मेराल|मेराल प्रखंड पशु चिकित्सालय में पशुओं में होने वाले रोग के रोकथाम के लिए झारखंड सरकार द्वारा वैक्सीनेशन का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इस संबंध में पशु चिकित्सक डॉक्टर केके सिंह ने बताया कि 19 में से 19 जून तक वैक्सीनेशन का कार्य निरल प्रखंड के कल 13 वैक्सीनेटरों के द्वारा किया जा रहा है। जिसमें खोरहा, चपका और लंपी स्किन डिजीज के बीमारियों से बचाव के लिए विशेष टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने पशु धारक किसानों से आग्रह किया है कि सभी पशुओं के कान में टैगिंग करना सुनिश्चित करें। पशुओं पर आकस्मिक होने वाले दुर्घटना पर आपदा प्रबंधन से बिना टैगिंग वाले पशु के किसानों को आपदा प्रबंधन से किसानों कोई लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में आपदा प्रबंधन से लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों के सभी पशुओं के कान में टैगिंग करना अनिवार्य है। मझिआंव|थाना क्षेत्र के आमर गांव के पश्चिम टोला पर पिछले 11 मई 2025 को एक समुदाय विशेष लोगों के द्वारा घर में घुसकर पिता पुत्र एवं मां को पीट-पीट कर घायल कर देने के मामले में अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। जिसको लेकर पूरा परिवार सकते में है। इधर इस संबंध में भुक्तभोगी सुधीर विश्वकर्मा ने बताया कि पिछले 11 मई 2025 को समुदाय विशेष के ईबरार खान और उसके अन्य सहयोगियों के द्वारा मेरे घर में घुसकर मेरे अलावे मेरे पिता अवध विश्वकर्मा एवं माता सुशीला देवी को लाठी डंडे से पीट कर घायल कर दिया था। इस घटना को लेकर मेरे द्वारा इबरार खान,सैफ अली खान, मुस्तकीम खान एवं हाका खान सहित 8 से 10 अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई करने हेतु लिखित आवेदन थाना में दी गई थी। लेकिन 18 दिन बीत जाने के बावजूद भी अभी तक किसी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। बल्कि अपराधी तत्व के लोग बेखौफ घूम रहे हैं। इतना ही नहीं मेरे गांव में आकर कई प्रकार की धमकी भी दे रहे हैं। जिसको लेकर हम सभी पूरे परिवार डर के साए में जीने को मजबूर है। साथ अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है। विदित हो कि पिछले 10 मई की रात्रि विशुनपुरा में विवाह में हुई झड़प को लेकर भूसूआ गांव एक समुदाय विशेष के लगभग एक दर्जन लोगों द्वारा आमर गांव के पश्चिम टोला निवासी अवध विश्वकर्मा के घर में घुसकर लाठी डंडे से पीट कर तीन लोगों घायल कर दिया गया था। जबकि परिजनों के अनुसार विवाह के दौरान हुए लड़ाई झगड़े से मेरा पुत्र को कोई लेना देना नहीं है।

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