नृत्य-गीत से नए पद्मश्री का स्वागत, लोग बोले- महाबीर हमारे ‘नायक’ हैं

झारखंड के प्रसिद्ध लोक गायक महाबीर नायक को मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा। 82 वर्षीय महावीर नायक को कला क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए यह सम्मान मिला। इस वर्ष झारखंड से वे एकमात्र पद्मश्री अवार्डी हैं। पद्मश्री मिलने के बाद गुरुवार की शाम वे रांची पहुंचे। उनके स्वागत के लिए कला-संस्कृति से जुड़े 150 लोग बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे। सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के 40 कलाकारों ने नागपुरी और कड़सा नृत्य करके उनका स्वागत किया। फूल मालाओं से स्वागत करने के बाद ओपन गाड़ी में खड़ा करके उन्हें घर ले जाया गया। इस दौरान उनकी गाड़ी के आगे उनके नाती-नातिन, पोते-पोती नाचते-गाते चल रहे थे। जेसीएए के संरक्षक पद्मश्री मुकुंद नायक, वरीय सलाहकार समिति सदस्य मनपूरण नायक, देवदास विश्वकर्मा, शत्रु नायक, अरुण नायक, संस्थापक श्रीकांत इंदवार, प्रभारी सचिव डॉ. जयकांत इंदवार, पूर्व कोषाध्यक्ष राज मौर्य, पूर्व सह सचिव सुमन गाड़ी, कृष्णा नायक, सूरज ठाकुर व अन्य कलाकारों ने पद्मश्री को पुष्पगुच्छ, पुष्पमाला से स्वागत किया। अब रांची और आसपास छह पद्मश्री रह रहे हैं 2025 में राजधानी रांची और इसके आसपास 6 पद्मश्री रह रहे हैं। इनमें पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख, पद्मश्री डॉ. एसपी मुखर्जी, पद्मश्री बलबीर दत्त, पद्मश्री सिमोन उरांव और पद्मश्री अशोक भगत शामिल हैं। पहले झारखंड में अधिकतर छऊ नर्तकों को ही पद्मश्री से नवाजा जाता था। स्व. रामदयाल मुंडा इस इलाके के पहले कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्ति थे, जिन्हें पद्मश्री मिला। स्व. गिरिधारी राम गौंझू को भी कला-साहित्य के लिए पद्मश्री मिल चुका है। इस सम्मान से और अच्छा काम करने की प्रेरणा मिली… पद्मश्री मिलने के बाद महाबीर नायक ने बातचीत करते हुए बताया कि यह सम्मान पाकर अभिभूत हूं। यह झारखंड के सारे कलाकारों का सम्मान है। खुश हूं कि राष्ट्र का इतना बड़ा सम्मान पद्मश्री िंमला। इस सम्मान से और अच्छा काम करने की प्रेरणा िमली। मेरा मनोबल और बढ़ गया है। अपनी भाषा और संस्कृति के लिए अभी बहुत काम करना है। झारखंड के लोक गीत और संगीत का स्वरूप बहुत वृहद है। इसमें अभी बहुत काम करना है। ज्यादा से ज्यादा गीतों का कलेक्शन करूंगा। गीत भी िलखूंगा। चाहूंगा कि मेरे बाद की पीढ़ी भी गीत-संगीत की परंपरा को और आगे ले जाएं। जितना ज्यादा हो, उनकी इस क्षेत्र में मदद करूंगा। एयरपोर्ट पर नागपुरी नृत्य प्रस्तुत करतीं छात्राएं।

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