भास्कर न्यूज| जालंधर स्वास्थ्य विभाग ने नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइफरी (एनपीएम) कार्यक्रम के तहत शहीद बाबू लाभ सिंह मेमोरियल नर्सिंग स्कूल, सिविल अस्पताल जालंधर में मिडवाइफरी के लिए ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित की। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत लाल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतिंदरजीत बजाज, जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रमन गुप्ता, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राकेश चोपड़ा और चंडीगढ़ की चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरसिमरत कौर मौजूद रहीं। कार्यशाला में जिले के सभी एसएमओ और पैरामेडिकल स्टाफ ने भाग लिया। अलग-अलग सत्रों में पीपीटी के माध्यम से मिडवाइफरी की जानकारी दी गई। सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत लाल ने कहा कि एनपीएम कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है। यह सिजेरियन डिलीवरी को कम करता है और सामान्य प्रसव को बढ़ावा देता है। साथ ही, प्रसव के दौरान मां और नवजात की देखभाल सुनिश्चित कर मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करता है। इस मौके पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सतिंदरजीत िसंह बजाज ने मिडवाइफरी की भूमिका और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मिडवाइफ लेड केयर यूनिट्स नर्स प्रैक्टिशनरों के नेतृत्व में गर्भवती महिलाओं और नवजातों की देखभाल को मजबूत करेंगी। मुख्य उद्देश्य : शिक्षकों को तैयार करना जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रमन गुप्ता ने कहा िक कार्यशाला का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षकों को तैयार करना है, जो महिलाओं और नवजातों की उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल कर सकें। उन्होंने कहा कि यह नया समूह मातृत्व सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।


