मंडला जिले के बम्हनी थाना क्षेत्र में मृतक के परिवार और सामाजिक लोगों ने थाने के सामने जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस पर गलत जांच प्रतिवेदन देने, मृतक के परिजनों के कथन और हस्ताक्षर से छेड़खानी कर फर्जी बयान प्रस्तुत करने के आरोप लगाए हैं। साथ ही परिवार के 6 सदस्यों ने आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी। जिसको देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर कहीं मामला शांत हुआ। मामला अगस्त माह का है, जहां ग्राम ठरका निवासी मिथलेश चक्रवर्ती ने आत्महत्या कर ली थी। तब परिजनों ने आरोप लगाया था कि मिथलेश चक्रवर्ती ने एक पुलिसकर्मी की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की है। तब पुलिस अधिकारियों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। कुम्भकार समाज के अध्यक्ष बलराम चक्रवर्ती ने कहा एक पुलिस कर्मी के धमकाने से मिथलेश चक्रवर्ती ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में 2-3 आरोपी थे, जिसमें पुलिस कर्मी का नाम नहीं है। उसी के विषय में यहां पूछने आए हैं कि चार्जशीट में उनका नाम क्यों नहीं है। एएसपी डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि आत्महत्या के मामले में विवेचना उपरांत दो लोगों के विरुद्ध चालान पेश किया गया है। उसमें फरियादी पक्ष का कहना है कि पुलिस ने बयानों में कुछ हेरफेर की है। साथ ही कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया है। इसको लेकर कुछ लोगों ने आत्मदाह करने की बात कही थी। जिसके बाद उनसे संपर्क कर उन्हें जांच के बाद न्यायोचित कार्रवाई करने की बात कही गई। उन्होंने आवेदन भी दिया है, जिसकी जांच की जा रही है।


