महाराष्ट्र के परभणी में भारतीय संविधान की प्रतिकृति को लेकर हुए विवाद में सोमनाथ सूर्यवंशी की पुलिस हिरासत में मारपीट और मौत के मामले और डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर मेमोरियल सोसायटी में विवाद को लेकर अंबेडकरवादी मंगलवार को सड़कों पर उतर आए। समिति की जांच को लेकर न्याय पद यात्रा निकाली और प्रशासन को ज्ञापन दिया। भारतीय बौद्ध महासभा के जिला अध्यक्ष शुभम रायपुरे, समता सैनिक दल के मेजर उत्तम प्रधान और भीम जन्मभूमि स्मारक के अध्यक्ष भंते प्रज्ञाशील ने आरोप लगाते हुए बताया कि विगत एक वर्ष से डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मेमोरियल सोसायटी में 2/3 बहुमत से निष्कासित सचिव द्वारा किए गए फर्जीवाड़े, हेराफेरी और आर्थिक अनियमितता के चलते विवाद की स्थिति बनी हुई है।इसके चलते समिति के दो तिहाई सदस्यों ने प्रशासन के आला अधिकारियों को तत्काल समिति दस्तावेज को जब्तकर निष्पक्ष जांच कराने के लिए विधि सम्मत कार्यवाही हेतु निवेदन दिया था। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन मौन बना हुआ है। साज़िश के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप जिला अध्यक्ष शुभम रायपुरे ने आरोप लगाया कि मुख्य षड्यंत्रकारी निष्कासित सचिव राजेश वानखेड़े ने षडयंत्र कर 18 अगस्त की घटना के पूर्व से चिन्हित 13 लोगों को सोची समझी साज़िश के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराया, जिससे समिति की जांच की मांग कर रहे सदस्यों और कार्यकर्ताओ को जेल जाना पड़ा। इसी को लेकर भारतीय बौद्ध महासभा अर्थात दी बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया जिला शाखा इंदौर, समता सैनिक दल, भीम जन्मभूमि स्मारक बचाओ आंदोलन समिति और डॉ. आंबेडकर मेमोरियल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में लालबाग से कलेक्टर ऑफिस तक न्याय पदयात्रा निकाली। इसमें प्रमुख मांग थी कि डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर मेमोरियल सोसायटी की रिकॉर्ड जब्त कर निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच हो। परभणी मामले में जिम्मेदार पुलिस अफसरों को बर्खास्त करने की मांग दूसरी मांग परभणी में भारतीय संविधान की प्रतिकृति के विवाद में सोमनाथ सूर्यवंशी की पुलिस हिरासत में मारपीट से हुई मौत के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की बर्खास्तगी और न्याय की मांग की गई। इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्यसभा में डॉ. आंबेडकर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर माफी की मांग को लेकर भी यह न्याय पदयात्रा निकाली गई। इसी संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। यह भी मांग की गई है कि जांच होने तक फर्जी सचिव को भीम जन्मभूमि स्मारक एवं 14 अप्रैल को होने वाले समस्त आयोजनों से दूर रखा जाए। संभागीय प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी सुरेश वानखेडे ने बताया कि न्याय पदयात्रा में बड़ी संख्या में शांति के प्रतीक सफेद वस्त्रों में महिला, पुरुषों, युवक युवतियों और बच्चों ने भाग लिया। सभी के हाथों में बाबा साहेब की तस्वीरें और भीम जन्मभूमि की फोटो और भीम जन्मभूमि की जांच करो लिखी तख्तियां थी। समता सैनिक दल के सैनिकों ने रास्ते भर सुरक्षा व्यवस्था का संचालन किया।


