उड़ीसा में जगन्नाथ धाम के पट बंद, यहां भरा मेला:उमड़ा श्रद्धा का सैलाब; 80 क्विंटल बाजरे की प्रसादी वितरित

पावटा तहसील के ग्राम पुरषोत्तमपुरा में भगवान जगन्नाथ का भव्य मेला मंगलवार को धूमधाम से आयोजित हुआ। इस पावन अवसर पर लाखों भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के दिव्य दर्शन किए और मंदिर प्रांगण में भक्ति और उल्लास का अद्भुत नज़ारा देखा। मेले की विशेषता यह रही कि भक्तों के लिए 80 क्विंटल खड़ी बाजरे की प्रसादी का वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव से ग्रहण किया। भक्तों की भारी भीड़ और जयकारों से गूंजता रहा पूरा क्षेत्र। मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनियों और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। मेले में बच्चों और बड़ों के लिए झूले, खिलौने, और विभिन्न दुकानें भी आकर्षण का केंद्र बनीं। ग्रामवासियों और भक्तों ने बताया- भगवान जगन्नाथ का यह मेला उनकी आस्था और परंपराओं का प्रतीक है। यह आयोजन हर साल बड़े धूमधाम से होता है, और इस बार भक्तों की उपस्थिति ने इसे और भी खास बना दिया। बता दें कि जिस दिन यहां मेला भरता है उस दिन उड़ीसा में स्थित जगन्नाथ धाम के पट बंद रहते है। गांव के लोगों ने बताया कि जो भी भक्त सच्चे मन से इस धाम पर मन्नते मांगते है उनकी मन्नते अवश्य पूरी होती है। तभी से हर साल इस गांव मे पौष माह कृष्ण पक्ष की नवमी को विशाल मेला भरता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मेले में कोलकत्ता, मुम्बई, दिल्ली, पंजाब सहित अनेक प्रदेशों के भक्तजन आते है। मेले वाली रात को ख्यातिनाम कवियों और भजन गायकों द्वारा रातभर सत्संग होता है। इसके बाद सुबह चार बजे भगवान जगन्नाथ की आरती उतारी जाती है। इस धाम से जुड़े केशव दास के वंशज तभी से इस मंदिर मे पूजा पाठ करते आ रहे है।

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