प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 24 सालों की सफलता पर मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस मौके पर प्रहलाद पटेल ने कहा- अगर अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री नहीं बनते तो आज भी हम खराब सड़कों से जूझ रहे होते। उन्होंने कहा- जैसे मनुष्य के शरीर में रीढ़ की हड्डी है वैसे ही सड़क की भी कीमत है। साथ ही प्रहलाद पटेल ने मध्य प्रदेश में ग्राम सड़क योजना की सफलता के बारे में बताया। उन्होंने कहा- प्रदेश में 10,290 किलोमीटर की सड़कें बनाने में वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग हुआ है। आने वाले समय में भी नवाचार के साथ लक्ष्यों को पूरा किया जाएगा। दिल्ली से ज्वाइंट सेक्रेटरी अमित शुक्ला भी इसमें शामिल होने पहुंचे थे। प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी समेत कई अधिकारी शामिल हुए। ज्वाइंट सेक्रेटरी ने पीएम ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के बारे में बताया और कहा कि इसकी गाइडलाइन जल्द ही जारी की जाएगी। पहले चरण में MP को कम फंड मिलने से नाराज थे पटेल प्रहलाद पटेल ने ग्राम सड़क योजना के पहले चरण में अटल जी के साथ का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 2 हजार की आबादी वाले गांवों को सड़क योजना के लिए शामिल किया गया था। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बाद भी प्रदेश को कम फंड मिला था। सबसे ज्यादा फंड तमिलनाडु को मिला था। प्रहलाद पटेल ने कहा कि उन्होंने इस बारे में अटल बिहारी वाजपेयी से सवाल पूछा था। वाजपेयी ने तब कहा था कि- मैं नेता भारतीय जनता पार्टी का हूं लेकिन प्रधानमंत्री देश का हूं। आदिवासी इलाकों में सड़कों की मांग उठाई थी प्रहलाद पटेल ने बताया कि उन्होंने वाजपेयी से आदिवासी क्षेत्रों में सड़कों की बात उठाई थी। उन्होंने कहा था कि आदिवासी तो 500 की आबादी में रहते हैं। ऐसे में उनके इलाकों में तीसरे चरण में सड़क बनेगी। इसके बाद वाजपेयी सरकार ने फैसला लिया कि 500 की आबादी वाले जिन इलाकों में 80 प्रतिशत आदिवासी है, वहां पहले चरण में ही सड़क बनेगी। ‘केंद्र सरकार ने राज्यों के भी काम किए’ मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि अटल जी की सरकार हो या मोदी जी की, जो काम राज्य सरकारों को करने थे वो केंद्र सरकार ने अपने हाथ में लिए हैं। वो चाहे सड़क योजना हो आवास योजना या फिर आयुष्मान योजना। उन्होंने इंटर डिस्ट्रिक्ट कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से भी इस पर जोर देने के लिए कहा। एक सड़क से अगर दो विधानसभाओं का जुड़ने का मौका है तो वह जुड़ना चाहिए। चौथे चरण की गाइडलाइन जल्द जारी होगी जीएम अमित शुक्ला ने बताया कि पीएम ग्रामीण सड़क योजना के चौथे चरण पर भी बात की। उन्होंने बताया कि इसकी गाइडलाइन जल्द ही लागू होगी। चौथे चरण में उन बसावटों में सड़कें पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है जो अभी तक छूट गई थीं। इसमें कम आबादी वाले इलाके शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम सड़क योजना का चौथा चरण 70 हजार करोड़ का होगा। यह योजना पांच सालों तक चलेगी। इसके अलावा जीएस ने मध्य प्रदेश द्वारा योजना में किए गए नवाचारों की भी तारीफ की।


