भास्कर न्यूज | बालोद युक्तियुक्तकरण के तहत जिले के 354 सरकारी स्कूलों में पदस्थ 695 शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। जिसमें शिक्षा विभाग के 547 और ट्राइबल (आदिम जाति कल्याण) विभाग के 148 शिक्षक शामिल हैं। शिक्षा विभाग से जारी सूची के अनुसार जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में पदस्थ कुल 414 सहायक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। जिसमें शिक्षा विभाग के 341 और ट्राइबल विभाग के 73 शामिल हैं। इसी तरह 172 शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। जिसमें शिक्षा विभाग के 120 और ट्राइबल विभाग के 52 शामिल हैं। कुल 15 प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक प्रभावित हो रहे हैं। जिसमें शिक्षा विभाग के 13 और ट्राइबल विभाग के 2 शामिल हैं। शिक्षा विभाग के एक माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक प्रभावित हो रहे हैं। इसी तरह कुल 93 व्याख्याता प्रभावित हो रहे हैं। जिसमें शिक्षा विभाग के 72 और ट्राइबल विभाग के 21 शामिल हैं। प्रभारी डीईओ डी.पी. कोसरे ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधीन स्कूलों में पदस्थ 547 और ट्राइबल विभाग के अधीन स्कूलों में पदस्थ 148 शिक्षकों को अतिशेष श्रेणी में रखा गया है। काउंसिलिंग के लिए शेड्यूल तय हो चुका है। अतिशेष शिक्षिकों की काउंसिलिंग जिला पंचायत सभागार में की जाएगी। शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने काउंसिलिंग बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग के अनुसार 2 जून को व्याख्याता ई एवं टी संवर्ग व प्रधानपाठक माध्यमिक शाला, उच्च वर्ग शिक्षकों की काउंसिलिंग सुबह 10 बजे से शुरू होगी। 3 जून को सहायक शिक्षक, प्रधानपाठक प्राथमिक शाला ई एवं टी संवर्ग की काउंसिलिंग सुबह 10 बजे से शुरू होगी। काउंसिलिंग के लिए 5 सदस्यों की जिला समिति बनी है। जिसमें कलेक्टर, डीईओ, जिला पंचायत सीईओ, सीएमओ, महिला बाल विकास विभाग अधिकारी शामिल हैं। अतिशेष शिक्षकों के चयन के लिए ब्लॉक समिति में बीईओ, बीआरसीसी, एसडीएम, जपं सीईओ को शामिल किया गया था। शिक्षक साझा मंच के जिला संचालक जितेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करने और शिक्षकों के पदों को कम कर गरीब बच्चों का जीवन उनका आधार खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। केवल शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय शाला में शिक्षक भेजना चाहिए। अतिशेष शिक्षकों का 2 और 3 जून को काउंसिलिंग करने का आदेश तो निकल गया लेकिन कौन शिक्षक अतिशेष है, यह बताने में विभाग की ओर से देरी की जा रही है। शिक्षक रघुनंदन गंगबोईर ने कहा कि अतिश्रेष्ठ शिक्षकों को अतिशेष किया जा रहा है। शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि आनन- फानन में आदेश तो निकल रहा है लेकिन पता नहीं है कि किन शिक्षकों को किस नियम अनुसार अतिशेष किया गया है। अतिशेष सूची पर दावा आपत्ति नहीं लिया गया। जिला व प्रदेश के कई हाई स्कूल जहां पुराना सेटअप के अनुसार अंग्रेजी गणित और विज्ञान के 2-2 व्याख्याता स्वीकृत सेटअप अनुसार कार्यरत थे। जिसमें गणित के 2-2 व्याख्याता एक ही आदेश के अनुसार कार्यरत रहे लेकिन उनकी विद्यालय में वरिष्ठता पर शुरुआत से विवाद बना रहा है। बिना किसी समाधान के ऐसे शिक्षक को कनिष्ठ माना जाता रहा है जो सत्र 2003 से संविदा शिक्षक के रूप में सुदूर वनांचल बस्तर क्षेत्र में 5 वर्ष का सेवा देने के बाद 2008 में इसी जिला में इसी प्रकार के युक्तियुक्तकरण के परेशानी का पहले भी सामना कर चुका है। मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षा श्री, राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित शिक्षक भी अतिशेष श्रेणी में है।


