जिला मुख्यालय से 6 किमी दूर बालोद-दुर्ग मार्ग पर स्थित ग्राम उमरादाह मंे दिव्यांग विद्या मंदिर (मूकबधिर स्कूल) में बाफना परिवार ने 30 बच्चों को फ्री में पढ़ाने का निर्णय लिया है। यहां मूकबधिर दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने व रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फ्री में पढ़ाने के लिए 12 कमरे और रहने के लिए हॉस्टल तैयार है। पालकों की सहमति के बाद 30 बच्चों को एडमिशन दिया गया है। समर कैंप में कई गतिविधियां कराई जा रही है। 16 जून से शिक्षा सत्र की शुरुआत होते ही यहां भी पढ़ाई शुरू होगी। बच्चों को पढ़ाने 2 शिक्षक व शाला संचालन व अन्य गतिविधियों के लिए 5 कर्मचारियों की व्यवस्था बाफना परिवार ने की है। बाफना परिवार के अनुसार जिला सहित प्रदेश के 50 मूकबधिर बच्चों को फ्री में पढ़ाने का लक्ष्य तय हुआ है। आवश्यकता अनुसार संख्या बढ़ाई जाएगी। उमरादाह में फ्री में मूकबधिर बच्चों को सुविधाएं दिलाने के लिए यह अच्छी पहल सुल्तानमल सजना देवी चैरिटेबल ट्रस्ट व इससे जुड़े बाफना परिवार कर रही है। बाफना परिवार के अनुसार ग्राम उमरादाह में 2.50 एकड़ जमीन में भवन, हॉस्टल, गार्डन, मैदान सहित अन्य निर्माण कार्य हुआ है। पार्श्वनाथ की मूर्ति भी स्थापित की गई है। वर्ष 2021-22 से फ्री में बच्चांे को पढ़ाने की शुरूआत हुई है। हर साल बच्चों की दर्ज संख्या बढ़ते क्रम पर है। वर्तमान में फ्री में एडमिशन प्रक्रिया जारी है। कोई भी मूकबधिर बच्चे यहां एडमिशन लेकर फ्री में पढ़ाई कर सकते है। पालकों की सहमति अनिवार्य है। हर साल यहां मूकबधिर बच्चों को एडमिशन देकर शिक्षा व अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। अमूमन मूकबधिर जो बोल और सुन नहीं सकते ऐसे बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाते है।


