छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक हाथी शावक जंगल से निकलकर गांव के करीब आया और अचानक कुंए में गिर गया। सुबह उसके चिंघाड़ने की आवाज सूनकर घटना की जानकारी हुई। जिसके बाद वन अमला ने रेस्क्यू शुरू किया और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसे कुंए से बाहर निकाल लिया। हाथी शावक करीब एक साल का होगा, जो रात में अपने झुंड के साथ छाल रेंज की ओर से चारमार बीट में आया। यहां जंगल से निकलकर शावक गांव के करीब पहुंचा और वह एकाएक बल्लभो गुप्ता के कुंए में गिर गया। सुबह होते तक उसका झुंड वापस छाल रेंज की ओर चले गया। सुबह शावक चिंघाड़ने लगा। ऐसे में महुआ बिनने जाने वाले ग्रामीणों ने हाथी की आवाज को सूनकर जब कुंए में झांका, तो उन्होंने शावक को देखा। जिसके बाद कुछ ही देर में गांव में पूरी खबर जंगल में लगी आग की तरह फैल गई। वन अमला ने शुरू किया रेस्क्यू
घटना की जानकारी वन अमला को भी दी गई। जिसके बाद एसडीओ, रेंजर समेत घरघोड़ा वन अमला मौके पर पहुंचा और तुरंत ही रेस्क्यू शुरू किया गया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण यहां मौजूद थे, लेकिन वन अमला ने एक सुरक्षा घेरा बनाकर शावक को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कुंए में सुंड को घुमाता रहा
इस दौरान हाथी कुंए से बाहर निकलने के लिए अपने सुंड को घुमाता रहा। वन अमला द्वारा जेसीबी से कुएं को एक ओर से खुदाई करते हुए मिट्टी डालना शुरू किया। ऐसे में करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद हाथी शावक कुंए से बाहर निकल गया। JCB के बकेट को पकड़ा
बाहर निकलते ही हाथी शावक ने जेसीबी के बकेट को पकड़ने की कोशिश करने लगा। इसके बाद उसने जंगल की ओर दौड़ लगा दी। ऐसे में विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी उसके पीछे चलने लगे। ताकि उसे उसके झुंड से मिलाया जा सके।
सुरक्षित कुंए से निकाला गया
घरघोड़ा सबडिवीजन के SDO मनमोहन मिश्रा ने बताया कि रात में झुंड घरघोड़ा रेंज के नवापारा सर्किल के चारमार बीट में आए थे। तभी लगभग एक साल का शावक कुंए में गिर गया। जिसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और अब वह अपने झुंड के पास पहुंच जाए, इसके लिए उस पर नजर रखी जा रही है।


