भास्कर न्यूज | मनेंद्रगढ़ नगर पंचायत झगराखंड में लैला-मजनू खेल मैदान गंदगी का अड्डा बन गया है। मैदान में नाली का गंदा पानी भरने से खेल गतिविधियां पूरी तरह बंद हो गई हैं। लोग मैदान के पास से गुजरने में भी कतराने लगे हैं। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से लोगों में नाराजगी है। वार्ड क्रमांक 9 में स्थित यह मैदान क्षेत्र का एकमात्र खेल मैदान है। यहां सालभर खेल प्रतियोगिताएं और सामाजिक कार्यक्रम होते रहे हैं। लेकिन पिछले 2-3 वर्षों से मैदान में नाली का गंदा पानी भरने से इसकी उपयोगिता खत्म हो गई है। करीब 10 साल पहले नगर पंचायत ने वार्ड क्रमांक 9 में वंशराज की दुकान से बाबूलाल चौधरी के घर तक आरसीसी नाली बनवाई थी। यह नाली अधूरी रह गई। इससे वार्ड क्रमांक 9 और 14 का निस्तारी पानी निकलता है। अधूरी नाली के कारण बाबूलाल चौधरी के घर के पास पानी जमा होने लगा। शिकायत के बाद नगर पंचायत ने नाली को 10 मीटर आगे बढ़ाया और लैला-मजनू मैदान की बाउंड्रीवाल तोड़कर नाली का मुंह मैदान की ओर मोड़ दिया। अब पूरा गंदा पानी मैदान में भर रहा है। मैदान की हालत इतनी खराब हो गई है कि लोग वहां जाना भी नहीं चाहते। वार्ड पार्षद और नगर पंचायत के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मैदान की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ग्राउंड में भरा नाली का गंदा पानी, जिसकी सफाई कराने पर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शासन को प्रस्ताव बना भेजा गया है: सीएमओ नगर पंचायत झगराखंड के मुख्य नगर पालिका अधिकारी बसंत राम का कहना है कि इस संबंध में सुशासन तिहार में शिकायत आई है। नाली का विस्तार करने के लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा नाली के गंदे पानी से परेशान हो रहे वार्डवासी बाबूलाल ने हाल ही में सुशासन तिहार में इसकी शिकायत कर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। बाबूलाल ने बताया कि उनकी शिकायत पर नाली को 10 मीटर बढ़ाकर केवल औपचारिकता निभाई गई है। इससे ग्राउंड तो खराब हो ही रहा है वहीं गंदे पानी के जमाव से उठने वाले बदबू से जहां उनका परिवार परेशान है और संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है वहीं उन्होंने बताया कि वे भूसा व्यवसायी है। बरसात के दिनों में नाली का गंदा पानी उनके गोदाम में प्रवेश कर जाता है जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।


