सेक्टर 2 फुटबाल ग्राउंड से फुटबाल खेलकर जा रही बच्ची को एक कार चालक ने अपनी चपेट में ले लिया। इससे बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में परिजनों एसपी ऑफिस जाकर विरोध जताया और आंदोलन की चेतावनी दी। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने उनकी पूरी समस्या को सुना और कहा कि वो बच्ची के शव को पोस्टमार्टम कराएं और आंदोलन करने की जगह कानून की मदद करें। ये बिहार नहीं छत्तीसगढ़ है। नियम से काम करने पर आरोपी भी पकड़ा जाएगा और मुआवजा भि दिलाया जाएगा। एसके बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद वो लोग वहां से वापस आ गए। कलेक्टर और एसपी से शिकायत करने गए पीड़ित परिजनो के साथ आप पार्टी के नेता भी शामिल रहे। आम आदमी पार्टी के भिलाई नगर विधानसभा अध्यक्ष जसप्रीत सिंह, प्रदेश अध्यक्ष आरटीआई विंग मेहरबान सिंह ने पुलिस अधीक्षक से कहा कि पीड़ित परिजनो को उचित मुआवजा दिलाया जाए। मेहरबान सिंह ने कहा कि उस रोड पर जितने भी कैमरे लगे हुए हैं वो खराब है। उनको ठीक किया जाए। साथ ही पुलिस ये पता लगाए की दुर्घटना करने वाली कार का चालक कौन था? कार कौन चला रहा था? किसके नाम पर कार रजिस्टर्ड है? इसका पुलिस जल्द से जल्द पता लगाए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। बाकी रोड एक्सीडेंट के प्रकरणों की तरह इस फाइल को बंद ना कर दिया जाए। एसएसपी ने कहा ये बिहार नहीं छत्तीसगढ़ है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने उनकी पूरी बात को सुना और ज्ञापन को पढ़ा। इसके बाद उन्होंने कहा कि बच्ची के पिता को मुआवजा दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन पहल कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह बिहार नहीं छत्तीसगढ़ राज्य है। आप कानून की मदद करें चक्का जाम आदि कोई भी कार्यक्रम करने से आपको मुआवजा प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। आप जो अपनी बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं करा रहे हैं इससे आपको मुआवजा मिलने की प्रक्रिया में बाधा आएगी। मुआवजा मिलने की प्रक्रिया तब तक पूर्ण नहीं हो सकती जब तक अंशिका का पोस्टमार्टम नहीं होता है। इसलिए आप जल्द से जल्द बच्ची का पोस्टमार्टम करवाएं और उसके बाद हम लोग जिला प्रशासन की तरफ से पूरा प्रयास करेंगे कि उन्हें मुआवजा जल्द मिले। 25 हाजार की मिली सहायता राशि जिला प्रशासन ने अंशिका के पिता परमेश्वर को 25 हजार रुपए की प्रशासनिक मदद करवा दी है। साथ ही यह आश्वासन दिया है कि बाकी मुआवजे की राशि के लिए प्रक्रिया चल रही है। एक महीने के अंदर उन्हें वह राशि भी मिल जाएगी। पीड़ित परिजनों को लगभग चार लाख रुपए की मदद दिए जाने की बात कही गई है। भाई के साथ साइकिल से जाते समय हुई दुर्घटना आपको बता दें कि 29 मई को गैरेज रोड सेक्टर 2 स्थित फुटबॉल ग्राउंड से सुबह 9:30 बजे अंशिका अपने भाई अंश के साथ फुटबॉल खेल करके साइकिल से वापस अपने घर खुर्सीपार जा रही थी। इसी दौरान पावर हाउस से दुर्ग की दिशा में आ रही एक कार ने उनको टक्कर मार दी और वहां से भाग गई। इस दुर्घटना में अंशिका और उसके भाई को गंभीर चोट आई। अंशिका का इलाज श्रीशंकराचार्य अस्पताल में चला। वहां 2 जून को उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने भट्ठी थाने का घेराव किया था और सीसीटीवी कैमरा लगाने वाले ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की थी।


