अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने अमृतसर-तरनतारन रोड पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत की गई। जिला नगर योजनाकार गुरसेवक सिंह औलख के नेतृत्व में टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट जगबीर सिंह और पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार गांव चब्बा में बाबा नौध सिंह की समाधि के पास बन रही इस अवैध कॉलोनी को पहले PAPRA एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी किया गया था। कॉलोनी के मालिक सरकारी नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। 16 कॉलोनाइजर्स और बिल्डरों के खिलाफ FIR की मांग PAPRA एक्ट-1995 के संशोधन 2024 के मुताबिक, अवैध कॉलोनी काटने वालों को 5 से 10 साल की जेल और 25 लाख से 5 करोड़ तक का जुर्माना हो सकता है। विभाग ने 16 कॉलोनाइजर्स और अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है। एडीए का रेगुलेटरी विंग अमृतसर जिले में अवैध कॉलोनियों की लगातार जांच कर रहा है। नियम तोड़ने वालों को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रुकवाया जा रहा है। थाना प्रभारियों को कानूनी कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं। जिला नगर योजनाकार ने की अपील जिला नगर योजनाकार (आर) अमृतसर ने आम जनता से अपील की है कि पुडा विभाग से अप्रूव न होने वाली अवैध कालोनियों में प्लाट खरीदने से पहले, उनमें प्लाटों की बिक्री संबंधी किसी भी विज्ञापन के अनुसार, उस कालोनी के संबंध में पुडा द्वारा जारी की गई अप्रूवल अवश्य लें, ताकि उनकी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे और यह उनके लिए परेशानी का कारण न बने। इसके अलावा उन्होंने यह भी अपील की कि जिले में किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार का निर्माण या कालोनी काटने से पहले पुडा विभाग से आवश्यक अप्रूवल अवश्य प्राप्त कर लें तथा अप्रूवल के अनुसार ही निर्माण व विकास कार्य करवाएं।


