बकरीद के करीब आते ही बोकारो के बकरी बाजार में गहमागहमी बढ़ गई है। बाजार में रौनक तो है, लेकिन बकरों की कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष बकरों के दाम 17,000 से 72,000 रुपए तक पहुंच गए हैं। बाजार में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों से बकरे लाए गए हैं। विक्रेताओं का कहना है कि बकरों की देखभाल में समय और मेहनत लगता है। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार अच्छे दाम मिलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। एक विक्रेता ने बताया कि वे बकरों को घर जैसा खाना देते हैं और अच्छी देखभाल करते हैं। लेकिन ग्राहक केवल मोल-भाव में लगे हैं। जो पसंद आ रहा है, उसका दाम बहुत ज्यादा: ग्राहक खरीदार भी बाजार की स्थिति से संतुष्ट नहीं हैं। एक खरीदार ने कहा कि अच्छा बकरा मिल नहीं रहा है। जो पसंद आ रहा है, उसका दाम बहुत ज्यादा है। गर्मी और महंगाई की मार से दोनों पक्ष परेशान हैं। बकरीद पर कुर्बानी की परंपरा के अनुसार, आर्थिक रूप से सक्षम लोग बकरे की कुर्बानी करते हैं। वे इसका मांस जरूरतमंद लोगों में बांटते हैं। उम्मीद है कि त्योहार के करीब आने पर बाजार में रौनक और बिक्री बढ़ेगी।


