दिन के 2.30 बज रहे हैं। और मैं खड़ा हूं नवनिर्मित सिरमटोली-मेकॉन एलिवेटेड कॉरिडोर के पास। मन रोमांच से भरा था और सामने बांहें फैलाए स्वागत को तैयार था फ्लाईओवर। फिर क्या था, दोपहर 2.59 बजे मैंने भी आमंत्रण स्वीकारा और सिरमटोली चौक से आगे एलिवेटेड कॉरिडोर के रैंप से चलना शुरू किया। बिना हिचकोले खाए सरपट चलते हुए मेरी बाइक मात्र 3 मिनट में ही 3.01 बजे मेकॉन चौक से पहले पहुंच गई। पटेल चौक के ऊपर और पुराने ओवरब्रिज के ऊपर से गुजरते वक्त केबुल स्टे ब्रिज और डबल डेकर फ्लाईओवर से गुजरने पर ऐसा लगा, मानो किसी मेट्रो सिटी में बने फ्लाईओवर से गुजर रहा हूं। पहले दिन वाहनों की संख्या कम थी, इसलिए मात्र 3 मिनट में 2.38 किमी का सफर पूरा हो गया। वैसे आम दिनों में वाहनों की संख्या अधिक रहेगी, फिर भी अधिक से अधिक पांच मिनट में यह सफर पूरा हो जाएगा। पहले मैं सिरमटोली फ्लाईओवर से मेकॉन जाने के लिए क्लब रोड होते हुए सुजाता चौक फिर वहां से ओवरब्रिज पर चढ़ कर राजेंद्र चौक से होते हुए मेकॉन चौक तक पहुंचता था। सामान्य दिनों में यह सफर पूरा करने में करीब 40 मिनट का समय लगता था। मतलब अब मेरे आने-जाने में रोजाना 35-35 मिनट का समय बचेगा। ऐसे में मेरा ही नहीं, कोकर, कांटाटोली, लालपुर, डंगराटोली, चुटिया, डोरंडा, हिनू सहित 30 मुहल्लों के करीब 50 हजार लोेगों को सीधे राहत मिलेगी। मेन रोड से डोरंडा, हिनू आने-जाने वालों को भी राहत मिलेगी। फ्लाईओवर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिरम टोली रैंप के पास उतरकर मुख्य सरना स्थल सिरम टोली भी गए। जहां पर आदिवासी रीति-रिवाज के साथ सीएम ने पूजा-अर्चना की। ऐसे बचेगा समय, स्कूली बच्चों को बड़ी राहत कोकर से कांटाटोली फ्लाईओवर से आने वाले वाहन सवार सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर से होते हुए मेकॉन चौक तक चले जाएंगे। इस रूट में जाने वाले बूटी मोड़-बरियातू रोड व कोकर रूट के वाहन सवार अभी लालपुर चौक होते हुए एमजी रोड से निकलते हैं। अब वे भी सिरमटोली चौक पहुंचकर कॉरिडोर होते हुए मेकॉन चौक पहुंच जाएंगे। डोरंडा, हिनू, नामकुम से किसी व्यक्ति को कोकर, बूटी मोड़ या लालपुर, चुटिया जाना हो, तो वे भी मेकॉन चौक से सिरमटोली एलिवेटेड कॉरिडोर, कांटाटोली फ्लाईओवर होते हुए जा सकते हैं। इससे रोजाना एक घंटा से अधिक समय बचेगा। क्योंकि, अब सुजाता चौक के अलावा कांटाटोली चौक पर भी जाम से नहीं जूझना होगा। इस एलिवेटेड कॉरिडोर से सबसे बड़ा फायदा स्कूली बच्चों को होगा। क्योंकि, जाम की वजह से इस रूट के बच्चे हमेशा देर से घर पहुंचते हैं। छावनी में तब्दील था फ्लाईओवर, मीडिया को भी दूर रखा गया उद्घाटन को लेकर पूरा फ्लाईओवर यानि कि मेकॉन चौक से सिरम टोली मुंडा चौक तक पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। 1500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। समारोह स्थल में सीएम हेमंत सोरेन के पहुंचने से पहले ही एलिवेटेड कॉरिडोर की ओर आने-जाने सभी रूट को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया था। जवानों को सख्त निर्देश था कि आदेश के बगैर कोई भी बैरिकेडिंग से आगे न बढ़ पाए। यहां तक कि मीडिया को भी आने की इजाजत नहीं थी। ब्रिज का रंग आकर्षण का केंद्र, नॉइस ग्लास बढ़ा रहे खूबसूरती एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच में बना केबुल स्टे ब्रिज सबसे बड़ा आकर्षण है। इसकी खासियत है कि हरेक 2.30 मिनट के अंतराल पर केबुल स्टे ब्रिज का रंग बदल जाता है। कभी ब्लू तो कभी हरा तो कभी लाल, स्लेटी, नीला रंग नजरों को रोक लेता है। डिवाइडर के बीच में लगे एलईडी स्ट्रीट लाइट एक साथ जलने से ऐसा लगता है, मानो पूरी सड़क दुधिया रोशनी से नहा गई हो। दोनों ओर लगे नॉइस ग्लास भी खूबसूरती बढ़ा रहे हैं। ढोल-मांदर के साथ नाचते दिखे पार्टी के नेता एक तरफ डोरंडा भवन में पर्यावरण दिवस पर कार्यक्रम चल रहा था, वहीं फ्लाईओवर में झामुमो एवं आदिवासी महिला-पुरुष ढ़ोल-मांदर के साथ नृत्य करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्वागत कर रहे थे। उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन के समर्थन में नारे भी लगाए। विरोध भी हुआ, हंगामे के बाद गिरफ्तार मेकॉन-सिरम टोली फ्लाईओवर के उद्घाटन समारोह के दौरान गुरुवार को सिरम टोली सरना स्थल के निकट हंगामा हुआ। उद्घाटन का विरोध कर रहे लोगों को केंद्रीय सरना स्थल में आने से रोका गया। नाराज लोगों के साथ जमकर प्रशासन के साथ कहा सुनी और धक्का मुक्की हुई। हो-हंगामा के दौरान पुलिस प्रशासन के द्वारा लगाए गए बेरिकेडिंग को तोड़ा गया। विरोध करने वालों को रोकने के लिए पूर्व से ही केंद्रीय सरना स्थल की घेराबंदी भी कर दी गई थी। सीएम के आने से पहले तक जमकर हो-हंगामा होता रहा और बाद में कुछ विरोध करने वाले समर्थकों को पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई और पूरे केंद्रीय सरना स्थल की घेराबंदी कर दी गई। 13 दिन बाद रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर खुलने से मिलेगी बड़ी राहत, अब हरमू फ्लाईओवर की मांग : 14 दिन बाद मतलब 19 जून को रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर का भी उद्घाटन होगा। इसके बाद शहर की बड़ी आबादी को जाम से राहत मिलेगी। शहर के सबसे अधिक जाम रहने वाले रूट में शामिल रातू रोड की ट्रैफिक ऊपर-ऊपर ही निकल जाएगी। तीन फ्लाईओवर व एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद भी सबसे अधिक जाम रहने वाला हरमू रोड परेशानी का सबब बना रहेगा। क्योंकि, वीआईपी मूवमेंट की वजह से इस रूट पर सबसे अधिक जाम लगता है। रोड के दोनों ओर घनी आबादी की बसावट है। ऐसे में हरमू फ्लाईओवर बनाने की मांग तेज हो गई है।


