खलारी अंचल क्षेत्र में जमीन से जुड़े फर्जी मामलों की जांच के लिए बनी सीआईडी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गुरुवार को खलारी अंचल कार्यालय पहुंचकर कागजातों की जांच की। मौके पर डीएसपी रैंक के तीन अधिकारी प्रदीप पाल कच्छप, सुमन मीनी नाग व तारामनी बाखला सहित अन्य ने अंचल कार्यालय पहुंचकर जमीन से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। उन्होंने दिनभर अंचल कार्यालय में बैठकर तुमांग, नावाडीह और महुलिया मौजा से संबंधित भू-अधिग्रहण के कागजातों को बारीकी से खंगाला। एसआईटी को शिकायत मिली थी कि सीसीएल द्वारा अधिग्रहित जमीनों पर कुछ व्यक्तियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे मुआवजा और नौकरी पाने की कोशिश की गई। जिन जमीनों पर जांच की गई उनमें तुमांग के खाता संख्या 44, नावाडीह के खाता संख्या 92 व महुलिया के खाता संख्या 9, प्लाट संख्या 54 की जमीन है। अंचल अभिलेख में इन जमीनों का किस्म गैरमजरूआ मालिक है। शिकायत मिलने के बाद इन खातों की खतियान, जमाबंदी, प्लाट नंबर, अधिग्रहण प्रक्रिया और मुआवजा भुगतान की जांच की जा रही है। ऑनलाइन खतियान व पंजी दो के अनुसार तुमांग खाता 44 का कुल रकबा 1253.52 एकड़, नावाडीह खाता 92 का कुल रकबा 1828.08 एकड़ व महुलिया खाता 9, प्लाट 54 का कुल रकबा 46 एकड़ है। मालूम हो कि सीसीएल के एनके एरिया अंतर्गत प्रस्तावित रोहिणी-करकट्टा ओपेनकास्ट प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इस परियोजना के लिए तुमांग, नावाडीह, करकट्टा, हेसालौंग और मायापुर मौजों से 2534.88 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है। इसके पूर्व महुलिया मौजा की भी भूमि अधिग्रहित की गई थी। जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा और रोजगार देने की प्रक्रिया में कथित फर्जी लाभार्थियों के शामिल होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके चलते यह विशेष जांच शुरू की गई। यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो सीसीएल के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ सकती है, साथ ही जिन व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाभ उठाया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।


